पटना। बीरपुर और वाल्मिकीनगर बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी ने बिहार के कई जिलों में बाढ़ (Bihar flood) का खतरा बढ़ा दिया है। रविवार को सरकार ने उत्तरी, दक्षिणी और मध्य बिहार के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के अनुसार, बीरपुर बैराज से 6.61 लाख क्यूसेक और वाल्मिकीनगर बैराज से 5.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो कई दशकों में सबसे अधिक है।
सीतामढ़ी में तटबंध टूटा, कोसी पूर्वी तटबंध में रिसाव
रविवार को सीतामढ़ी जिले के मधकौल गांव में बागमती नदी का तटबंध टूटने से आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला मजिस्ट्रेट रिची पांडे ने बताया कि ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और तटबंध की मरम्मत का काम जारी है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं, गोपालपुर के पास कोसी पूर्वी तटबंध में शनिवार रात रिसाव की सूचना मिली, जिसे जल संसाधन विभाग की टीमों ने तुरंत ठीक कर लिया।
Bihar flood : 56 साल का रिकॉर्ड टूटा, बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित
कोसी नदी पर बीरपुर बैराज से 56 साल में सबसे ज्यादा पानी छोड़ा (Bihar flood) गया। इससे पहले 1968 में 7.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इस पानी से पश्चिम और पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया सहित कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गंडक नदी पर वाल्मिकीनगर बैराज से भी 2003 के बाद सबसे ज्यादा पानी छोड़ा गया है, जिससे प्रभावित इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
Bihar flood : 90 इंजीनियरों की टीम अलर्ट पर
जल संसाधन विभाग की टीमें 24×7 तटबंधों की निगरानी कर रही हैं। 90 इंजीनियरों की टीमें किसी भी संभावित कटाव या खतरे का तत्काल समाधान करने में जुटी हैं। जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है।
सीमांचल और अन्य जिलों में बाढ़ की आशंका
सीमांचल के अररिया, सुपौल, और कटिहार जिलों सहित अन्य निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर चुका है। आईएमडी ने अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।