पटना। बिहार सरकार ने मंगलवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मोइन-उल-हक स्टेडियम की जमीन का रजिस्ट्रेशन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) को 30 साल की लीज पर सौंप दिया. बीसीए द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई. यह कदम पटना में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (cricket) मैचों की मेजबानी और राज्य के खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक क्रिकेट सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम साबित होगा.
रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ
बिहार सरकार ने रजिस्ट्रेशन के लिए करीब ₹37 करोड़ की फीस भी माफ कर दी है. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान बिहार सरकार की ओर से खेल विभाग के निदेशक महेंद्र कुमार और बीसीए के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इस मौके पर खेल विभाग के उप निदेशक संजय कुमार, पटना जिला खेल अधिकारी ओम प्रकाश, बीसीए के सचिव जियाउल आफरीन, जीएम एडमिन नीरज राठौर समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
खरमास के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि खरमास खत्म होने के बाद स्टेडियम के निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी. उन्होंने कहा, “बिहार सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है. अब बीसीए निर्माण कार्य में तेजी लाएगा. अगले दो-तीन साल में बिहार की जनता को एक विश्व स्तरीय स्टेडियम मिलेगा, जहां वे अंतरराष्ट्रीय मैचों का आनंद उठा सकेंगे.”
6 नवंबर को हुआ था एमओयू
इससे पहले 6 नवंबर को बिहार सरकार और बीसीए के बीच स्टेडियम को बीसीए को सौंपने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे.
अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा स्टेडियम
अब मोइन-उल-हक स्टेडियम को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम और खेल (cricket) परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा. स्टेडियम में 40,000 दर्शकों की बैठने की क्षमता होगी. इसमें 76 कॉर्पोरेट बॉक्स और 250 वीआईपी सीटों की व्यवस्था की जाएगी.
इसके साथ ही खेल परिसर में बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, स्विमिंग पूल, पांच सितारा होटल, खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल, रेस्त्रां, क्लब हाउस और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.