रविचंद्रन अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, जानिए कैसा रहा अंतरराष्ट्रीय करियर 

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. अश्विन ने अपने करियर में तीनों फॉर्मेट मिलाकर 287 मैच खेले और 765 विकेट हासिल किए. वे भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनसे आगे केवल अनिल कुंबले हैं, जिन्होंने कुल 953 विकेट लिए हैं.

 क्रिकेट में अश्विन का रिकॉर्ड

अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने टेस्ट क्रिकेट में 106 मैच खेले और 537 विकेट लिए. उनके नाम 37 बार पारी में पांच विकेट (फाइव विकेट हॉल) और 8 बार मैच में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम कुल 8 शतक दर्ज हैं.

फॉर्मेट गेंदबाजी बल्लेबाजी
टेस्ट 106 मैच, 537 विकेट, 7/59 बेस्ट पारी, 13/140 बेस्ट मैच, 24.00 औसत 151 पारियां, 3503 रन, 124* उच्चतम स्कोर, 25.75 औसत, 6 शतक
वनडे (ODI) 116 मैच, 156 विकेट, 4/25 बेस्ट, 33.20 औसत 63 पारियां, 707 रन, 65* उच्चतम स्कोर, 16.44 औसत
टी-20 इंटरनेशनल 65 मैच, 72 विकेट, 4/8 बेस्ट, 23.22 औसत 19 पारियां, 184 रन, 31* उच्चतम स्कोर, 26.28 औसत

भारतीय गेंदबाजों में सबसे ज्यादा फाइव विकेट हॉल

अश्विन टेस्ट क्रिकेट में 37 फाइव विकेट हॉल के साथ भारतीय गेंदबाजों में पहले स्थान पर हैं. उनके बाद अनिल कुंबले हैं, जिन्होंने 35 बार यह उपलब्धि हासिल की.

  • ओवरऑल रिकॉर्ड: टेस्ट में सबसे ज्यादा फाइव विकेट हॉल का रिकॉर्ड श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम है, जिन्होंने 67 बार ऐसा किया. अश्विन और ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं.

इंग्लैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा सफलता

अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा 150 विकेट लिए हैं. यह प्रदर्शन उन्होंने 53 मैचों में किया. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका नाम आता है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 50 मैचों में 146 विकेट लिए.

विदेशी मैदानों पर प्रदर्शन

अश्विन ने विदेशी सरजमीं पर भी बेहतरीन प्रदर्शन किया.

  • ऑस्ट्रेलिया में: 38 मैचों में 71 विकेट.
  • श्रीलंका में: 16 मैचों में 49 विकेट.

भारत में दबदबा

अश्विन का भारत में प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा. उन्होंने घरेलू मैदानों पर कुल 131 मैचों में 475 विकेट चटकाए. रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के इस फैसले से भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत हो गया है. वे न केवल एक महान गेंदबाज थे, बल्कि एक सक्षम बल्लेबाज और असाधारण टीम मैन भी रहे. उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा.

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