नई दिल्ली। बिहार की राजनीति और अपराध का कॉकटेल एक बार फिर सुर्खियों में है. मोकामा के पूर्व विधायक(Anant Singh Firing) और फिलहाल जदयू के करीबी माने जाने वाले अनंत सिंह पर एक बार फिर विवादों के बादल मंडरा रहे हैं. आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा पाने के उद्देश्य से गोलीबारी करवाने की साजिश रची.
Anant Singh के साथ तस्वीरें वायरल
मोकामा के जलालपुर पंचायत के रहने वाले सोनू और मोनू, जो इलाके में गैंगस्टर(Anant Singh Firing) के रूप में जाने जाते हैं, इस विवाद के केंद्र में हैं. उनके पिता पेशे से वकील हैं और मां पंचायत की मुखिया. छह महीने पहले, अनंत सिंह ने सोनू और मोनू के गांव का दौरा किया था. उस समय उनकी मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुई थीं.
बीजेपी के नेता ललन सिंह का आरोप
मोकामा के पूर्व विधायक और बीजेपी नेता नलिनी रंजन शर्मा उर्फ ललन सिंह ने अनंत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ललन सिंह का कहना है कि हाल ही में जलालपुर में हुई गोलीबारी अनंत सिंह और सोनू-मोनू की मिलीभगत का नतीजा है. उनका दावा है कि अनंत सिंह को फुलप्रूफ सुरक्षा चाहिए, और इसके लिए उन्होंने अपने सहयोगियों से गोलियां चलवाईं.
Anant Singh पर गोलीबारी की सच्चाई ?
घटना में सौ राउंड से ज्यादा गोलियां चलने की बात कही जा रही है. हालांकि, इस गोलीबारी में किसी की गंभीर चोट की खबर नहीं है. कुछ लोगों को मामूली चोटें लगी हैं, लेकिन यह सवाल उठता है कि इतनी गोलियां चलीं तो किसी को गंभीर चोट क्यों नहीं लगी.
गैंगस्टरों और नेताओं की सियासी रणनीति
यह विवाद लोकसभा चुनाव के करीब आने पर और गर्मा गया है. चुनाव से पहले गैंगस्टरों (Anant Singh Firing)को अपने पक्ष में करने की कोशिशें तेज हो गई हैं. जदयू और बीजेपी के बीच राजनीतिक खींचतान साफ नजर आ रही है. मोकामा विधानसभा क्षेत्र में पिछली बार जदयू के ललन सिंह कमजोर साबित हुए थे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले चुनाव में यह समीकरण कैसे बदलता है.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर भी बवाल मचा दिया है. कई लोग इस गैंगवार की आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं. आने वाले समय में यह देखना जरूरी होगा कि इन आरोपों और घटनाओं का राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा.