Prayagraj stampede : संगम तट पर क्यों मची भगदड़ ? देखने वालों क्या बताया…

पटना। प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे मची भगदड़ (Prayagraj stampede)में 20 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। हादसा उस समय हुआ जब संगम पर अमृत स्नान के लिए जुटी भारी भीड़ में अव्यवस्था फैल गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में मृतकों के शव मेडिकल कॉलेज लाए गए थे, जिनमें से पहले 14 शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए। इसके बाद कुछ और शव एंबुलेंस के जरिए मेला क्षेत्र से लाए गए। प्रशासन ने हादसे के 10 घंटे बाद भी मृतकों या घायलों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Prayagraj stampede : पीएम मोदी और सीएम योगी ने लिया जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु संगम पर स्नान करने के बजाय जहां हैं, वहां गंगा के तट पर स्नान करें, गंगा हर जगह पवित्र है।

विपक्ष का सरकार पर निशाना

घटना(Prayagraj stampede) के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार की बदइंतजामी और वीआईपी कल्चर को आरोपित करते हुए कहा कि इसके कारण यह भगदड़ मची। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हादसे को लेकर महाकुंभ को सेना के हवाले करने की मांग की।

क्या है भगदड़ की प्रमुख वजहें

प्रारंभिक जांच  और मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो के अनुसार भगदड़ (Prayagraj stampede)के दो मुख्य कारण सामने आए हैं:

• अमृत स्नान के दौरान पांटून पुलों का बंद होना

इससे संगम पर पहुंचने वाली भारी भीड़ एकत्र हो गई, जिसके बाद बैरिकेड्स में फंसने से लोग गिर गए, और अफवाहों के कारण भगदड़ मच गई।

• एंट्री और एग्जिट के रास्तों का एक ही होना

संगम नोज पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग-अलग नहीं थे। इससे लोग एक ही रास्ते से आ रहे थे और वापसी के लिए भी उसी रास्ते का उपयोग कर रहे थे, जिससे भगदड़ के दौरान लोगों को भागने का मौका नहीं मिला और वे एक-दूसरे पर गिरते गए।

Prayagraj stampede के बाद स्थिति नियंत्रण में

हादसे के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 70 से ज्यादा एम्बुलेंस मौके पर भेजी। घायलों और मृतकों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया। साथ ही, संगम तट पर NSG कमांडो को तैनात कर दिया गया है और संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री को रोक दिया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रयागराज के आसपास के जिलों में श्रद्धालुओं को रोका गया है और प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।

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