महागठबंधन में बड़े दल का नेता ही बनेगा मुख्यमंत्री: कांग्रेस
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा में जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस बार महागठबंधन शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, छात्र-युवा, किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को जोरशोर से सदन में उठाएगा. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए महागठबंधन पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगा.
Tejashwi Yadav पर सहमति
कांग्रेस विधायक विजय शंकर दुबे ने इस बैठक के दौरान कहा कि महागठबंधन के अंदर मुख्यमंत्री पद के लिए कौन उम्मीदवार होगा, इसका निर्णय उनकी पार्टी का उच्च नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेता आपस में चर्चा कर निर्णय लेंगे, लेकिन परंपरा रही है कि गठबंधन में सबसे बड़े दल का नेता ही मुख्यमंत्री बनता है. यह बयान संकेत देता है कि कांग्रेस अभी भी मुख्यमंत्री पद को लेकर पूरी तरह से सहमत नहीं है, लेकिन गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रही है.
Tejashwi Yadav ही होंगे 2025 के चुनावी चेहरा
बैठक में शामिल हुए सीपीआईएमएल विधायक सत्येंद्र यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ही होंगे. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार में फंसी हुई है और यह सरकार आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है. उन्होंने कहा, “हम विपक्ष में रहते हुए इस बजट में आम जनता की उपेक्षा को उजागर करेंगे. बिहार के मजदूर, किसान, छात्र, दलित और महादलितों के लिए इस बार के बजट में कुछ भी खास नहीं किया गया है.”
‘महागठबंधन का दूल्हा तय’, एनडीए अपना उम्मीदवार घोषित करे
तेजस्वी यादव को लेकर कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों पर सीपीआईएमएल विधायक सत्येंद्र यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कोई भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही महागठबंधन चुनाव लड़ेगा. महागठबंधन का दूल्हा तय हो चुका है, अब एनडीए को अपना नाम बताना चाहिए. हालांकि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
महागठबंधन की एकजुटता पर जोर
इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि महागठबंधन के अधिकांश घटक दल तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देख रहे हैं. हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी भी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन गठबंधन की एकता को लेकर सभी दलों में सहमति बनी हुई है. आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक महागठबंधन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए महागठबंधन के इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या वह अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करता है