WPL : मुंबई इंडियंस ने शनिवार को ब्रेबॉर्न स्टेडियम, मुंबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 8 रनों से हराकर अपना दूसरा महिला प्रीमियर लीग (WPL) खिताब जीत लिया. 150 रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए, मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों, खासकर नेट स्किवर-ब्रंट (3/30) ने शानदार प्रदर्शन किया और दिल्ली कैपिटल्स को 141/9 पर रोक दिया.
मुंबई की सधी हुई बल्लेबाजी
पहले बल्लेबाजी करते हुए, मुंबई इंडियंस ने 20 ओवरों में 149/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया. हालांकि, पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और हेली मैथ्यूज केवल 3 रन बनाकर मरिज़ान कैप की गेंद पर आउट हो गईं. जल्द ही, यास्तिका भाटिया भी 8 रन बनाकर कैप का शिकार बनीं. इसके बाद, नेट स्किवर-ब्रंट ने 30 गेंदों में 28 रन बनाकर पारी को संभाला. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महत्वपूर्ण 66 रन (44 गेंद, 9 चौके, 2 छक्के) की शानदार पारी खेली, जिससे मुंबई को जरूरी गति मिली. अमनजोत कौर (नाबाद 14 रन, 7 गेंद) और संस्कृती गुप्ता (8 रन, 5 गेंद) के उपयोगी योगदान से मुंबई ने 149 रन का स्कोर खड़ा किया.
दिल्ली कैपिटल्स के लिए मरिज़ान कैप ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 11 रन देकर 2 विकेट झटके. नल्लापुरेड्डी चारनी ने भी 2 अहम विकेट चटकाए.
दिल्ली की पारी लड़खड़ाई
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत खराब रही. कप्तान मेग लैनिंग 13 रन बनाकर नेट स्किवर-ब्रंट की गेंद पर आउट हो गईं. वहीं, शेफाली वर्मा का खराब फॉर्म जारी रहा और वह सिर्फ 4 रन बनाकर शबनीम इस्माइल की गेंद पर LBW हो गईं.
जेस जोनासन और जेमिमा रोड्रिग्स ने कुछ देर तक पारी संभालने की कोशिश की, जिसमें रोड्रिग्स ने 21 गेंदों में तेज 30 रन बनाए. हालांकि, मध्यक्रम लड़खड़ा गया और एनाबेल सदरलैंड (2 रन) और सारा ब्रायस (5 रन, रनआउट) जल्दी पवेलियन लौट गईं. मरिज़ान कैप ने 26 गेंदों में 40 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन लगातार गिरते विकेटों के कारण दिल्ली की उम्मीदें टूट गईं. निखि प्रसाद (नाबाद 25 रन, 23 गेंद) ने अंतिम क्षणों में कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स निर्धारित 20 ओवर में 141/9 तक ही पहुंच सकी.
दूसरी बार WPL खिताब पर कब्जा
मुंबई इंडियंस की ओर से नेट स्किवर-ब्रंट सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 3 विकेट झटके. एमेलिया केर ने भी 2 विकेट लेकर जीत में योगदान दिया. इस जीत के साथ, मुंबई इंडियंस ने WPL में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया.