बिहार कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, जानें कौन हैं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार

पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष ( Bihar Congress President) पद पर बदलाव किया है. भूमिहार समुदाय से आने वाले अखिलेश प्रसाद सिंह की जगह दलित समुदाय के नेता राजेश कुमार को बिहार कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. पार्टी के इस फैसले को सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

Bihar Congress President : दलित नेतृत्व पर कांग्रेस का दांव

राजेश कुमार वर्तमान में बिहार के कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं और दलित समाज के एक सशक्त नेता के रूप में पहचान रखते हैं. बिहार में जातीय समीकरण हमेशा से चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस का यह फैसला दलित मतदाताओं को साधने की एक कोशिश मानी जा रही है.

अखिलेश प्रसाद सिंह की विदाई की वजह?

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह और पार्टी के प्रदेश प्रभारी के बीच पिछले कुछ महीनों से मतभेद चल रहे थे. संगठन में गुटबाजी और समन्वय की कमी की शिकायतें भी सामने आई थीं. अखिलेश प्रसाद सिंह ने हाल ही में कांग्रेस की रोजगार यात्रा को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई थी. इन सभी कारणों के चलते पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला लिया.

Bihar Congress President : राजेश कुमार को क्यों चुना गया?

राजेश कुमार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है. इससे पहले भी जब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी भक्त चरणदास ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका नाम सुझाया था, तब भी वे इस दौड़ में शामिल थे. हालांकि, उस समय परिस्थितियां अलग थीं और अखिलेश प्रसाद सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई थी.

बिहार की राजनीति पर कैसा होगा असर

इस बदलाव के बाद कांग्रेस बिहार में दलित राजनीति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है. साथ ही, राजेश कुमार (Bihar Congress President) की नियुक्ति महागठबंधन की राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है. अब देखने वाली बात यह होगी कि आगामी चुनावों में कांग्रेस इस नए नेतृत्व के सहारे राज्य में अपनी स्थिति कितनी मजबूत कर पाती है.

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