हेल्थ के लिए कितना सही है ब्राउन शुगर का इस्तेमाल…? डायबिटीज मरीजों क्यों मिलती है ऐसी सलाह..

Diabetes: मिठास हर किसी को पसंद होती है, लेकिन जब बात डायबिटीज के मरीजों की आती है तो शुगर का चुनाव बेहद जरूरी हो जाता है. अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि ब्राउन शुगर ज्यादा हेल्दी है या वाइट शुगर? क्या डायबिटिक मरीज इसे खा सकते हैं?

डॉक्टर का क्या कहना है?

प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विमल छाजेड़ का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए न तो ब्राउन शुगर और न ही वाइट शुगर कोई सुरक्षित विकल्प है. दोनों ही शुगर शरीर में ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाती हैं, जो डायबिटिक मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है.

क्या अंतर हैं ब्राउन और वाइट शुगर में….

दोनों ही गन्ने से तैयार किया जाता है, लेकिन वाइट शुगर मैं कैलरी ज्यादा होती हैं. ब्राउन शुगर  जिसमें थोड़ी मात्रा में गुड़ मिला होता है। यही कारण है कि इसका रंग थोड़ा भूरा और स्वाद अलग होता जाता है. पोषण की दृष्टि से दोनों में बड़ा अंतर नहीं है. डायबिटिक मरीजों के लिए दोनों ही अनहेल्दी हैं.

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

अगर डायबिटीज के मरीजों को मिठास की जरूरत हो, तो उनके लिए कुछ सेफ ऑप्शंस मौजूद हैं.
नेचुरल स्वीटनर : इसमें कैलोरी नहीं होती और ब्लड शुगर पर असर बहुत कम पड़ता है.
जैगरी (गुड़): इसमें कुछ पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसमें भी शुगर कंटेंट मौजूद है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए.
आर्टिफिशियल स्वीटनर (जैसे सैकरीन, एस्पार्टेम आदि)-इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें.

डायबिटीज कंट्रोल के लिए डाइट टिप्स

प्रोसेस्ड शुगर से बचें.
ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां खाएं.
अनाज में ओट्स और ब्राउन राइस शामिल करें.
नियमित व्यायाम और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
मिठास की craving हो तो हनी, गुड़ या घर पर बनी हेल्दी मिठाइयां कम मात्रा में लें.

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