Patna,Bihar: बिहार अब हवाई कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कर चुका है, राज्य में इस समय तीन एयरपोर्ट पूरी तरह से ऑपरेशनल है. जबकि चार और एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं. इससे राज्य की पर्यटन तो बढ़ेगी ही, साथ में ही व्यापारिक गतिविधियों को भी हिम्मत मिलेगी बल्कि यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है.
कहा है मौजूदा आपरेशनल एयरपोर्ट
जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पटना–बिहार का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा जहां से देश के बड़े शहरों के लिए उड़ाने भरी जाती है.
गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गया– बौद्ध पर्यटन के प्रमुख केंद्र बोधगया के लिए यहां से अंतरराष्ट्रीय महत्व का हवाई उड़ाने भरी जाती है.
2020 में शुरू हुआ उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी की रीड की हड्डी बना है दरभंगा का एयरपोर्ट.
निर्माण की ओर बढ़ रहे नए हवाई अड्डे
UDAN योजना के तहत जल्द ही पूर्णिया एयरपोर्ट ( हवेलीखारगपुर , चंपानगर) से भी उड़ान भरी जाएगी.
पूर्वी चंपारण में रक्सौल एयरपोर्ट नेपाल बॉर्डर से सटे इस एयरपोर्ट का कार्गो और पैसेंजर दोनों के लिए विकसित किया जा रहा है.
पुराने रनवे का पूर्ण विकास करके मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट वाणिज्यिक उड़ानों के लिए तैयार करने की योजना बनाई जा रही है.
भागलपुर सिल्क सिटी के नाम से जाने वाला शहर को पहली बार हवाई कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है.
बिहार की हवाई परिवहन क्षेत्र में 2011-12 से 2021-22 तक 8 गुना वृद्धि हुई है पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल पर ₹1,216 करोड़ का निवेश किया गया है. भविष्य में बिहार सरकार ने 2025 में 6 नए एयरपोर्ट विकसित करने के लिए ₹150 करोड़ का बजट तैयार किया है जो राज्य को और भी अधिक कनेक्टिविटी और विकास प्रदान करेंगी.