दिल्ली में बढ़ रहे मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले, एमसीडी के कई जोन संवेदनशील कैटेगरी में

New Delhi: दिल्ली में मलेरिया और चिकनगुनिया बढ़ते मामलों के साथ ही डेंगू के मच्छर की ब्रीडिंग के मामलों में भी वृद्धि हुई है. एमसीडी के 12 जोनों में से सेंट्रल, सिटी एसपी, सिविल लाइन, शाहदरा साउथ और शाहदरा नॉर्थ जोन सहित पांच जोन को सबसे संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. पब्लिक हेल्थ विभाग के सूत्रों ने बताया कि सबसे ज्यादा ब्रीडिंग इन्हीं पांच जोनों में मिल रही है.

मलेरिया के दर्ज हुए इतने केस

सूत्रों ने बताया कि अभी तक मलेरिया के 264 और चिकनगुनिया के 42 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि पिछले साल इस दौरान मलेरिया के 237 और चिकनगुनिया के 30 मामले दर्ज हुए थे. वहीं पब्लिक हेल्थ विभाग डेंगू के मामलों में राहत का दावा कर रहा है. विभाग का कहना है कि अभी तक डेंगू के 557 मामले दर्ज हुए हैं जबकि 2024 में यह आंकड़ा 578 का था.

डेंगू के मामलों में कमी कैसे आई?

इस सवाल के जवाब में एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल लगभग सभी त्यौहार काफी पहले आ गए हैं. आमतौर पर लोग नवरात्र , दिवाली और दशहरा से एक महीना पहले ही घरों की सफाई शुरू कर देते हैं। गमले आदि का पानी बदल दिया जाता है. अगर छतों पर रखे किसी बर्तन में पानी भरा रहता है तो उसे भी फेंक देते हैं.

किन जगहों पर मच्छर पनपने का ज्यादा खतरा

पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यमुना में आई बाढ़ के कारण यमुना के दोनों तरफ कई जगहों पर बहुत अधिक पानी भर गया। जब तक बरसात हो रही थी तो पानी आगे बह जाता था। पिछले कई दिनों से बरसात बंद है, यमुना में भी पानी का स्तर अपने सामान्य स्तर पर है। इस दौरान जिन जगहों पर पानी भरा वहां डेंगू के मच्छर पनपने का ज्यादा खतरा बना हुआ है।

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