किसानों की उम्मीदों से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक की जंग…क्या है शेखपुरा विधानसभा सीट का समीकरण?

Bihar assembly election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो रखी है. वही शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र इस बार कहीं अहम मुद्दों के बीच घूम रहा हैं. यहां की जनता नेताओं के वादों से आगे बढ़कर, विकास की उम्मीद कर रही है. किसानों से लेकर नवयुवकों को और शहरी वोटरों तक हर वर्ग की अपनी-अपनी समस्याएं हैं.

एक तरफ किसानों की मांग , एक तरफ शहर की दिक्कतें

शेखपुरा में प्याज किस लंबे समय से कोल्ड स्टोरेज की मांग उठा रहे हैं. वहीं शहरी इलाकों में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी ट्रैफिक जाम है. किसानों का कहना है, कि अगर कोर्स स्टोरेज की व्यवस्था हो जाए तो उन्हें सिर्फ सही दाम मिलेगा बल्कि खेती करने का उत्साह भी बढ़ेगा और दूसरी ओर सड़के खराब होने के वजह से लोगों की धैर्य की परीक्षा ली जा रही है. साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी लोगों की शिकायत है कि जिले को उसके हिसाब से सुविधा नहीं मिल पा रही.

रोजगार और पलायन

यहां के युवा लगातार रोजगार के अभाव में बाहर पलायन कर रहे हैं. दिल्ली पटना या अन्य महानगरों में जाकर रोजगार ढूंढना अब उनकी मजबूरी बन चुकी है. लोग कहते हैं कि क्षेत्र में इंडस्ट्रीज और ट्रेनिंग सेंटर खोले जाए ताकि युवकों को स्थानीय स्तर पर काम मिल सके.

पिछले 2 चुनाव के नतीजे

2015
विजेता उम्मीदवार – रणधीर कुमार सोनी (JDU) को 41,755 मत मिले, वही दूसरी ओर नरेश साव (HAM-S) को 28,654 मत मिले, जीत का मार्जिन 13,101 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 33.18% और रनर-अप का 22.77% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार – विजय कुमार (RJD) को 56,365 मत मिले, वही दूसरी ओर रनधीर कुमार सोनी (JDU) को 50,249 मत मिले, जीत का मार्जिन 6,116 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 39.02% और रनर-अप का 34.78% रहा

इस बार यह के लोगो सिर्फ वादों पे भरोसा नहीं करने वाले हैं. किसानों की मांग से ले कर युवकों की पलायन, हर मुद्दा सीधे जनता के जिंदगी से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि शेखपुरा विधानसभा का हर वोट विकास की दिशा तय करेगा अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार यहां की जनता किस पर विश्वास करती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *