2025 में किसके पाले में जाएगी मुंगेर की त्रिशक्ति…!

Bihar assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही मुंगेर जिले की तीन सीटें तारापुर मुंगेर और जमालपुर सुर्खियों में है. ये  त्रिकोण केवल भौगोलिक रूप से नहीं बल्कि, राजनीतिक रूप से भी एक दूसरे से जुड़ी हुई है. यहां का चुनावी समीकरण पूरे जिले की सियासत की दिशा बदल सकता है. और आगमी विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर होने वाली राजनीतिक गतिविधियों से पूरे मुंगेर जिले की तस्वीर बदल सकती है.

त्रिशक्ति का समीकरण

मुंगेर–राजनीतिक केंद्र
मुंगेर विधानसभा न  केवल जिला मुख्यालय हैं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है. मुंगेर अपनी बंदूक निर्माण की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है यहां का हथियार उद्योग सदियों पुराना है. आज भी यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है.

जमालपुर–रेलवे नगरी की राजनीति
जमालपुर भारतीय रेलवे की पुरानी कार्यशालाओं केंद्रों में से एक है. 1862 में स्थापित जमालपुर वर्कशॉप आज भी हजारों परिवारों की आजीविका का साधन है. जमालपुर में श्रमिक संगठनों की मजबूत उपस्थिति है. वेतन, भत्ते, पेंशन और कार्य परिस्थितियों के मुद्दे, यहां की राजनीति को नई दिशा देते हैं.जमालपुर में पारंपरिक रूप से केंद्र सरकार की नीतियों का प्रभाव दिखता है.

तारापुर–परंपरा और बदलाव
तारापुर विधानसभा सीट मुंगेर जिले की प्रवेश द्वार मानी जाती है. यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कृषि प्रधान रहा है और गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्र होने के कारण उपजाऊ मिट्टी से समृद्ध है. राजनीतिक दृष्टि से यह सीट हर बार बीजेपी, राजद, जेडीयू और कांग्रेस के बीच मुकाबला का गवाह बनती है. किसानों की समस्याएं, फसलों की उचित मूल्य , सिंचाई व्यवस्था और युवाओं की बेरोजगारी, यहां के चुनाव की सबसे बड़े मुद्दे हैं.

2025 चुनाव की तैयरी

विभिन्न राजनीतिक दल इन तीनों सीटों को एक पैकेज के रूप में देख रहे हैं. समन्वित्त प्रचार और संसाधनों का बंटवारा इनकी रणनीति का हिस्सा है. स्थानीय नेतृत्व की पहचान और मजबूत उम्मीदवार का चयन सभी दलों के लिए चुनौती है.

पिछले 2 चुनाव के नतीजे

मुंगेर
2015
विजेता उम्मीदवार–विजय कुमार (RJD) को 77,216 मत मिले, वही दूसरी ओर प्रणव कुमार (BJP) को 72,851 मत मिले, जीत का मार्जिन 4,365 वोट रहा,  लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 45.63% और रनर-अप का 43.05% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार–प्रणव कुमार (BJP) को 75,573 मत मिले, वही दूसरी ओर अविनाश विद्यार्थी कुमार (RJD) को 74,329 मत मिले, जीत का मार्जिन 1,244 वोट रहा,लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 45.74% और रनर-अप का 44.99% रहा

जमालपुर
2015
विजेता उम्मीदवार–शैलेष कुमार (JD(U)) को 67,273 मत मिले, वही दूसरी ओर हिमांशु कुंवर (LJP) को 51,797 मत मिले, जीत का मार्जिन 15,476 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 45.68% और रनर-अप का 35.17% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार–अजय कुमार सिंह (INC) को 57,196 मत मिले, वही दूसरी ओर शैलेश कुमार (JD(U)) को 52,764 मत मिले, जीत का मार्जिन 4,432 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 37.65% और रनर-अप का 34.73% रहा।

तारापुर
2015
विजेता उम्मीदवार–एम. एल. चौधरी (JD(U)) को 66,411 मत मिले, वही दूसरी ओर शकुनी चौधरी (HAMS) को 54,464 मत मिले, जीत का मार्जिन 11,947 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 43.62% और रनर-अप का 35.77% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार–मेवा लाल चौधरी (JD(U)) को 64,468 मत मिले, वही दूसरी ओर दिव्या प्रकाश (RJD) को 57,243 मत मिले, जीत का मार्जिन 7,225 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 36.93% और रनर-अप का 32.80% रहा

बिहार की यह त्रिशक्ति बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाली है. अब देखना  होगा कि 2025 के चुनाव में मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा होगा या परिणाम किस तरफ झुकेगा. इतना तय है कि इन तीनों सीटों पर उठे राजनीतिक तूफान का असर पूरे बिहार की राजनीति में गूंजेगा.

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