Bihar assembly election 2025: मधुबनी विधानसभा क्षेत्र में इस बार चुनावी समीकरण दिलचस्प होते दिख रहे हैं। इन दिनों यहां सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या वीआईपी नेता सूमन महासेठ इस बार चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं। हालांकि उनके करीबी समर्थक साफ कहते हैं, अगर वे चुनाव नहीं लड़ेंगे तो करेंगे क्या, लेकिन उनकी सीट को लेकर अब भी संशय बरकरार है।
वी आई पी के खाते में एक सीट
सूत्रों के मुताबिक, वीआईपी को इस चुनाव में मधुबनी जिले की केवल एक सीट पर चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है। यह सीट झंझारपुर होगी या बाबूबरही, इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अगर बाबूबरही सीट वीआईपी के खाते में जाती है तो सूमन महासेठ वहीं से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं, अन्यथा उनके मधुबनी से ही चुनाव लड़ने की संभावना है।
प्रशांत कर सकते हैं बड़ा धमाका
इसी बीच, मधुबनी में इस बार जन सुराज भी चुनावी समर में उतरने की तैयारी कर रहा है। प्रशांत किशोर की अगुवाई वाला यह संगठन यहां का समीकरण बदल सकता है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी एक चौंकाने वाला चेहरा मैदान में उतारने की योजना पर काम कर रही है।
जन सुराज अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची 9 अक्टूबर को जारी करने वाला है। माना जा रहा है कि शुरुआती सूची में मधुबनी का नाम शामिल नहीं होगा। इस सूची में हरलाखी, झंझारपुर और राजनगर सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा की जा सकती है। मधुबनी समेत अन्य सीटों पर प्रत्याशियों के नाम अगले कुछ दिनों में सामने आ सकते हैं।
मधुबनी में त्रिकोणीय होगा मुकाबला
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार मधुबनी में मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा नहीं रहेगा। जन सुराज की एंट्री से यह त्रिकोणीय मुकाबला बनने जा रहा है। अब देखना होगा कि इस बार बाजी किसके हाथ लगती है। फिलहाल, जिले की राजनीति में प्रशांत किशोर की रणनीति और सूमन महासेठ के फैसले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।