राजनीतिक उतार चढ़ाव का केंद्र गुरुआ विधानसभा, जहां हर समय बदलते हैं सत्ता के समीकरण..!

Gurua vidhanshabha seat: गुरुआ विधानसभा सीट बिहार के गया जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र है. जो औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. 1972 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए इस सीट ने पिछले पांच दशकों में बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाई है. यह क्षेत्र न केवल बोध तीर्थ स्थल बोधगया के निकट होने के कारण धार्मिक महत्व रखता है बल्कि जातीय समीकरण और राजनीतिक गठबंधनों का भी प्रमुख केंद्र रहा है.

गुरुआ की राजनीतिक सफर 1977 में शुरू हुआ जब पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र वर्मा ने जनता पार्टी के टिकट पर यहां से पहली जीत दर्ज की थी. तब से लेकर अब तक इस सीट पर विभिन्न दलों का शासन रहा है. दो बार कांग्रेस, एक बार निर्दलीय, चार बार आरजेडी, दो बार बीजेपी, विशेष रूप से राजद की शकील अहमद खान ने 2000 से 2020 के बीच लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीतकर इतिहास रचा दिलचस्प बात यह है कि जदयू सीट पर कभी जीत दर्ज नहीं कर पाए हालांकि उन्होंने 2015 में काफी मजबूत प्रदर्शन किया था.

गुरुआ विधानसभा सीट पर जातीय गणित अत्यंत महत्वपूर्णता रखती हैं. यहां सबसे बड़ा वोट बैंक मुस्लिम समुदाय है, महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव डालने के लिए यादव समुदाय है, पारंपरिक शक्ति केंद्र के लिए राजपूत समुदाय है, महत्वपूर्ण स्विंग वॉटर कोयरी समुदाय है, दलित राजनीति में निर्णायक नतीजे के लिए पासवान समुदाय, इन समुदायों का संतुलित समीकरण ही यहां की राजनीति की दिशा तय करती है.

पिछले दो विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2020 का चुनाव गुरुआ के राजनीति इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जब राजद ने बीजेपी से सत्ता वापस छीन ली राजद के विनय कुमार यादव ने बीजेपी के राजीव नंदन डांगी को 6599 वोटो से हराया था. वही 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी के राजीव नंदन ने रेडियो के रामचंद्र प्रसाद सिंह को 6515 वोटो से हराया था.

गुरुआ विधानसभा सीट बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण युद्ध क्षेत्र बन गई हैं. पिछले दो चुनाव में करीबी मुकाबले और जातीय समीकरणों की जटिलता इसे 2025 के चुनाव में भी सबसे रोमांचक सीटों में से एक बनती है, आने वाले चुनाव में गुरुआ की जनता किस राजनीतिक विकल्प को चुनती है, यह न केवल गया जिले बल्कि पूरे बिहार की राजनीति को प्रभावित कर सकती है. देखना दिलचस्प होगा कि 14 नवंबर को यह सीट किसके पाले में जाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *