Baikunthpur vidhanshabha seat: बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है. गोपालगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और यहां की राजनीति पिछले दो दशकों में कई उतार चुनाव देख चुकी है. बैकुंठपुर विधानसभा सीट पर 6 नवंबर 2025 को पहले चरण में मतदान होना है और 14 नवंबर को मत करना होगी.
बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एक है. जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर की राजनीति में अपनी खास पहचान रखता है. यह सीट पारंपरिक रूप से बीजेपी जेडीयू और राजद के बीच त्रिकोणीय मुकाबले का गवाह रही है. पिछले तीन दशकों में यहां सत्ता का समीकरण कई बार बदलता दिख है. यहां की राजनीति में जाति समीकरण और गठबंधन की राजनीति का गहरा प्रभाव दिखा है. 1977 से लेकर अब तक की सीट पर कांग्रेस जनता पार्टी यूनाइटेड राजद और बीजेपी जैसे दलों का वर्चस्व रहा है.
पिछले दो विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2020 के विधानसभा चुनाव में बैकुंठपुर सीट ने राजनीतिक उलट फेर का नजारा देखा है, राष्ट्रीय जनता दल के प्रेम शंकर प्रसाद ने इस सीट पर शानदार जीत अपने नाम की 11113 वोटो के अंतर से भारतीय जनता पार्टी के मिथिलेश तिवारी को हराया था. हार का कारण गठबंधन की अंदरूनी कलह को जिम्मेदार माना जाता था. बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर असमंजस और कार्यकर्ताओं में तालमेल की कमी ने विपक्षी महागठबंधन के लिए रास्ता खोल दिया था. वहीं 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के मिथिलेश तिवारी ने जनता दल यूनाइटेड के मनजीत सिंह को 11000 वोटो के अंतर से हराया था.
2024 के लोकसभा चुनाव में गोपालगंज सीट से जनता दल यूनाइटेड के डॉ आलोक कुमार सुमन ने शानदार जीत दर्ज की थी. उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी के प्रेम नाथ चंचल उर्फ चंचल पासवान को 127180 वोट के विशाल अंतर से हराया था.
बैकुंठपुर विधानसभा सीट 2025 के चुनाव में एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका निभैगी यह सीखना केवल गोपालगंज जिले की राजनीति के लिए बल्कि पूरे बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाती आ रही हैं. 6 नवंबर 2025 को होने वाले मतदान और 14 नवंबर को आने वाले परिणाम, यह तय करेंगे कि बैकुंठपुर की जनता किस दिशा में जाती है, और बिहार की राजनीति में कौन सी ताकत हावी होती है.