जहाँ शिक्षा, संस्कृति और शाही विरासत मिलती है एक साथ — जानिए मिथिला की राजधानी दरभंगा को!

Darbhanga: उत्तर बिहार का प्रमुख शहर दरभंगा बागमती नदी के किनारे बसा हुआ है। दरभंगा को बिहार की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। साथ ही दरभंगा जिला मिथिला का केंद्र कहलाता है। इस शहर की कई खूबियां हैं। इस शहर की पहचान रामायण काल से होती आ रही है। इसके साथ ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी दरभंगा एक महत्वपूर्ण शहर रहा है। आजादी से पहले तक कई राजाओं ने इस शहर पर शासन किया और शहर को काफी ऊंचाई पर ले जाने का काम किया। दरभंगा में आज भी ऐतिहासिक धरोहर और इमारतें मौजूद हैं। हालांकि, वक्त के साथ दरभंगा ने काफी बदलाव देखा है। आइए दरभंगा शहर के बारे में जानते हैं।

दरभंगा राज का इतिहास

दरभंगा राज की स्थापना 16वीं सदी की शुरुआत में हुई थी। मैथिल ब्राह्मणों ने इसकी स्थापना की थी। उस वक्त भारत के रजवाड़ों में दरभंगा राज की गिनती होती थी। दरभंगा राज के संस्थापक राजा महेश ठाकुर (Mahesh Thakur) थे और दरभंगा के अंतिम शासक कामेश्वर सिंह हुए, जिन्हें महाराजाधिराज की उपाधि मिली थी। महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह के शासन में दरभंगा काफी फला-फूला। दरभंगा में उद्योग-धंधे, चीनी मिल, कागज मिल सहित अन्य कई व्यवसाय के स्रोत विकसित हुए। दरभंगा राज ने हमेशा से शिक्षा को काफी महत्व दिया।

कब हुई थी दरभंगा की स्थापना?

वक्त के साथ हुए बदलाव में अब दरभंगा जिला (Darbhanga) भी काफी बदल चुका है। जिले की स्थापना एक जनवरी 1875 को हुई थी और करीब 2300 वर्ग किलोमीटर की क्षेत्र में फैले दरभंगा की आबादी 40 लाख के आस-पास हैं। इनमें 21 लाख पुरुष व करीब 19 लाख महिलाओं की संख्या है। यहां की प्रमुख भाषा मैथिली है, जो पूरे क्षेत्र में बोली जाती है। इसके अलावा लोग हिंदी भी बोलते हैं। यहां की मैथिली भाषा पूरे देश में प्रसिद्ध है, जो काफी मीठी भाषा है। साथ ही मैथिली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में भी शामिल किया गया है

दरभंगा की पहचान में शुमार हैं ये वस्तुएं

आज के समय में दरभंगा की पहचान कई चीजों से होती है। दरभंगा में आपको मछली और मखान के व्यवसाय काफी ज्यादा दिखेंगे। इसके अलावा यहां की मिथिला पेंटिंग पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। साथ ही यहां पर सिक्की घास से बनी हुई वस्तुएं भी मिलती हैं। दरभंगा को उत्तर बिहार का मेडिकल हब माना जाता है। यहां दरभंगा मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल मौजूद हैं। इसके अलावा यहां बिहार का दूसरा एम्स भी प्रस्तावित है। साथ ही कई बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पताल बने हुए हैं, जो इसे मेडिकल का हब बनाता है।

एक ही कैंपस में दो-दो विश्वविद्यालय

चिकित्सा के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी दरभंगा का महत्वपूर्ण स्थान है। दरभंगा से कई विद्धान निकले हैं, जिन्होंने देश-दुनिया में परचम लहराया है। दरभंगा में एक ही कैंपस में दो-दो विश्वविद्यालय मौजूद हैं। दरभंगा में एक ही कैंपस में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा स्थापित हैं। इसके अलावा यहां मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय स्थित है। इसके अलावा कई अन्य शिक्षण संस्थानें भी मौजूद हैं।

देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है दरभंगा

दरभंगा भारत के सभी प्रमुख शहरों को रेल मार्ग और वायु मार्गसे जोड़ता है। यहां से कई राज्यों के लिए डायरेक्ट ट्रेन उपलब्ध है। साथ ही यहां एयरपोर्ट की सुविधा भी है, जहां से दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता, अयोध्या जैसी शहरों के लिए फ्लाइट सेवा मौजूद हैं।

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