Maithili thakur controversy : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच गायिका से नेता बनीं मैथिली ठाकुर एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। प्रत्याशी बनने के बाद से ही लगातार सुर्खियों में रहने वाली मैथिली को जहां समर्थकों का उत्साह मिल रहा है, वहीं विरोध की आवाज़ें भी कम नहीं हो रहीं। इस बीच एक वायरल वीडियो ने मिथिलांचल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
वीडियो में उत्तर प्रदेश की भाजपा सांसद केतकी सिंह दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट पर प्रचार करती दिख रही हैं। उनके साथ मंच पर भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर मौजूद थीं। भाषण के दौरान सांसद सिंह ने मिथिला की पारंपरिक पहचान ‘पाग’ को मंच से नीचे फेंकते हुए कहा कि मिथिला की पहचान पाग नहीं, मैथिली ठाकुर हैं। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने इसे मिथिला की सांस्कृतिक गरिमा का अपमान बताया। मिथिला में पाग सम्मान, परंपरा और गौरव का प्रतीक मानी जाती है, जैसे राजस्थान में साफा या पंजाब में पगड़ी। किसी को पाग पहनाना यहां सम्मान का सर्वोच्च प्रतीक होता है। ऐसे में मंच से पाग को फेंकना केवल एक वस्तु का अस्वीकार नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और भावना का अपमान माना जा रहा है।
इस घटना के बाद मैथिली ठाकुर की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। मंच पर मौजूद रहने के बावजूद उन्होंने सांसद के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि मैथिली को मिथिला की बेटी होने के नाते इस अपमान का विरोध करना चाहिए था। विवाद के बाद अलीनगर सीट पर स्थानीय बनाम बाहरी की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। चुनावी माहौल में यह घटना मैथिली ठाकुर के लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकती है।