NDA Seat Allocation: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपने 182 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में एक भी मुस्लिम चेहरा शामिल नहीं है. बीजेपी 101, जदयू 57, लोजपा(रा) 14, आरएमएल 4 और हम 6 के घोषित उम्मीदवारों में किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया गया. यह फैसला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ हैं, खासकर तब जब जदयू ने पिछली बार 11 मुस्लिम चेहरों को मौका दिया था.
राबड़ी देवी को हराने वाले सतीश यादव को राघोपुर के मैदान पर फिर से उतारा
पार्टी ने राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव के सामने सतीश कुमार यादव को खड़ा किया हैं. सतीश यादव ने 2010 में राबड़ी देवी को 13,000 से अधिक वोटो से हराया था, उस चुनाव में उन्होंने 64,222 वोट हासिल किए थे जबकि राबड़ी देवी को 51,216 वोट मिले थे. हालांकि 2015 में सतीश यादव तेजस्वी यादव से 22,733 वोट के बड़े मार्जिन से हारे थे. सतीश यादव यदुवंशी समुदाय से हैं, और उन्होंने राजदा से राजनीति की शुरुआत की थी. 2005 में वह नीतीश कुमार की जदयू में शामिल हुए, फिर 2015 में जब राघोपुर सीट लालू प्रसाद को दी गई तो सतीश यादव नाराज होकर बीजेपी में शामिल हो गए थे.
NDA के 182 प्रत्याशियों में एक भी मुस्लिम नहीं
अब तक एनडीए की पार्टियों ने 182 उम्मीदवारों की घोषणा कर्ज की है इनमें बीजेपी के 101, जदयू के 57, लोजपा (रा) के 14, आरएमएल के 4 और हम के 6 उम्मीदवार शामिल है. चौंकाने वाली बात यह है कि इन 182 उम्मीदवारों में से एक भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं है. जेएनयू की 57 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में भी किसी मुस्लिम उम्मीदवारों को जगह नहीं मिली है,जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने 115 सीटों में से 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया थालेकिन किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार ने जीत अपने नाम हासिल नहीं की थी. 2024 की लोकसभा चुनाव में जदयू ने किशनगंज से मुजाहिद आलम को मैदान में उतारा था, जो कांग्रेस प्रत्याशी से हार गए थे. सूत्रों के अनुसार आगे और लिस्ट आने वाली है और जेडीयू अगले चरणों में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दे सकती है. हालांकि विपक्षी दलों ने पहली लिस्ट में मुस्लिम उम्मीदवारों की अनुपस्थिति को लेकर एनडीए की आलोचना शुरू कर दी है.
बीजेपी ने किया सबसे कम उम्र की उम्मीदवार को खड़ा
बीजेपी ने बुधवार को ही 12 नाम की लिस्ट जारी कर दी. इसमें लोक गायिका मैथिली ठाकुर को अलीपुर से टिकट दिया गया, 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर ने 14 अक्टूबर को बीजेपी ज्वाइन की थी, और अगले ही दिन उन्हें टिकट मिल गया. मैथिली ठाकुर मैथिली संस्कृति की प्रसिद्ध लोक गायिका है वे बेनीपट्टी मधुबनी की रहने वाली है. जहां लोगों का मानना है कि पार्टी ने उन्हें मिथिलांचल क्षेत्र से युवाओं और सांस्कृतिक उत्साही लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए मैदान में उतारा है. जहां अलीपुर सीट से पिछली बार वीआईपी के टिकट पर मिश्री लाल यादव ने जीत अपने नाम की थी बाद में भी बीजेपी में शामिल हो गए थे. वहीं 2024 के फ्लोर टेस्ट के दौरान राजदा का साथ देने के आरोप में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया.
IPS छोड़कर आए अब मिला मौका
बक्सर से पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को उतारा गया है. आनंद मिश्रा ने 19 अगस्त को बीजेपी ज्वाइन किया वे लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए आईपीएस की नौकरी छोड़कर आए थे, लेकिन बीजेपी ने उस वक्त टिकट नहीं दिया, वे निर्दलीय खड़े हुए लेकिन हार गए अब विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें मौका दिया है.
सीटिंग विधायकों का कटा टिकट
पटना जिले की बाढ़ विधानसभा से बीजेपी ने सिटिंग विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानु का टिकट काट दिया है वह कभी नीतीश कुमार के करीबी माने जाते थे. वही छपरा से बीजेपी के सबसे वरिष्ठ विधायक सीएन गुप्ता का टिकट काट दिया गया. क्षेत्र में उनके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी की खबरें आ रही थी अब छपरा में महिला उम्मीदवार को मैदान में उतर गया है.2015 में विधायक और एनडीए सरकार में मंत्री रहे सुरेश शर्मा का मुजफ्फरपुर से टिकट काट दिया गया है भूमिहार नेता के तौर पर इलाके में उनकी मजबूत पहचान थी, लेकिन 2020 में हारने के बाद भी उम्मीद थी कि पार्टी भूमिहारों की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें फिर टिकट देगी. वही गोपालगंज से सेटिंग विधायक कुसुम देवी का टिकट भी कट गया है वह अपने पति और पूर्व विधायक के निधन के बाद चुनाव जीती थी, लेकिन अब उनकी जगह जिला परिषद अध्यक्ष सुभाष सिंह को मैदान में उतर गया है. पांच बार से पटना सिटी से जीतने वाले विधायक अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का भी टिकट काट दिया गया है. उनकी जगह हाई कोर्ट के वकील रत्नेश कुशवाहा को मैदान में उतर गया है.
13 मंत्रियों और 9 महिलाओं को टिकट
पहली लिस्ट में 13 मंत्री और 9 महिलाओं के नाम थे. 71 सीटों पर पार्टी के 56 विधायक थे. इनमें से 46 को रिपीट किया गया है, 10 की टिकट कट गए हैं. पहले लिस्ट में शामिल अन्य महिला प्रत्याशियों में रेणु देवी (बेतिया), श्रेयसी सिंह (जमुई), अरुणा देवी (वारसलीगंज), रमा निषाद (औराई), निशा सिंह (प्राणपुर), कविता देवी (कोरहा), स्वीटी सिंह (किशनगंज), देवंती यादव (नरपतगंज) और गायत्री देवी (परिहार) शामिल है.
NDA की सीट शेयरिंग का फार्मूला
बीजेपी– 101सीटें (सभी घोषित)
जदयू – 101 सीटें (57 घोषित, 44 बाकी)
लोजपा(रा) – 29 सीटें (14 घोषित)
आरएलएम – 6 सीटें (4 घोषित)
हम – 6 सीटें ( सभी घोषित)
6 और 11 नवंबर को वोटिंग, 14 नवंबर को रिजल्ट
बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा, पहले चरण 6 नवंबर 2025, दूसरा चरण 11 नवंबर 2025, मतगणना और परिणाम 14 नवंबर 2025 को आएंगे. राज्य में कुल 7.50 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मत अधिकार का प्रयोग करने वाले हैं. 2020 के चुनाव में एनडीए को 125 सीटें मिली थी, जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली थी. इस बार दोनों गठबंधन सत्ता पर कब्जे के लिए जोरदार जंग की तैयारी कर रहे हैं.