Election commission of India: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं. आज मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की टीम ने पटना के होटल ताज में राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, करीब 3 घंटे तक चली इस बैठक में चुनाव के चरणों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी–अपनी मांगे रखी.
बैठक में भाजपा ने दो चरणों में चुनाव की मांग की वहीं बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, हमने चुनाव आयोग से मांग की है की दो फेज में चुनाव कराया जाए, ज्यादा चरणों में चुनाव होने से मतदाताओं को परेशानी होती है, और उम्मीदवारों का खर्चा भी बढ़ जाता है. भाजपा ने चुनाव की घोषणा की 28 दिन बाद चुनाव कराने की भी मांग रखी है. दिलीप जायसवाल ने महिला मतदाताओं के अधिकारों की बात करते हुए कहा, कि बुरका पहनकर वोट देने वाली महिलाओं के मामले में फोटो मिलान की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि महिलाओं के मत अधिकार की रक्षा हो सके.
भाजपा की इस मांग को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी समर्थन दिया है. इस दलों ने भी दो चरणों में चुनाव कराने की डिमांड चुनाव आयोग के सामने रखी है, और वहीं दूसरी तरफ एनडीए के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड ने एक अलग राय रखी जदयू का कहना है कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक है और नक्सलवाद जैसी कोई भी गंभीर समस्या नहीं है इसीलिए बिहार में एक ही चरण में चुनाव पूरे कराए जाने चाहिए.
चुनाव आयोग अब सभी दलों की बातों पर विचार करने के बाद जल्द ही बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है, कि चुनाव दो से तीन चरणों में हो सकता है. हालांकि, अंतिम निर्णय चुनाव आयोग द्वारा ही होगा, जो हरपरिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा.