Bihar assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का आगाज हो चुका है. बिहार के विधानसभा सीटों पर जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं. संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं. इस साल होने वाले चुनावी मुकाबले काफी रोमांचक हो सकते हैं. जमुई जिले की सिकंदरा विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण सीट हैं.
सिकंदरा का सिकंदर अब तक कौन ?
सिकंदरा विधानसभा सीट बिहार की राजनीतिक इतिहास में बेहद रोचक रही है. 1962 में अस्तित्व में आई इस अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीट पर अब तक कांग्रेस, भागपा, लोजपा, जेडीयू और हम जैसी पार्टियों ने जीत दर्ज की है. जबकि भाजपा और राजद का खाता अब तक यहां नहीं खुल पाया है. शुरुआती दौर में कांग्रेस का दबदबा और रामेश्वरम पासवान ने यहां से 7 बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी. 90 के दशक में भाजपा के प्रयोग प्रज्ञा चौधरी ने लगातार तीन चुनाव जीत कर सीट पर वर्चस्व कायम रखा. उसके बाद 2005 और 2010 में रामेश्वरम पासवान ने लोजपा ओर जेडीयू के टिकट से सत्ता में वापसी की. 2015 में कांग्रेस ने जीत हासिल की तो 2020 में हम पार्टी विजयी रही.
पिछले 2 चुनाव के नतीजे
2015
विजेता उम्मीदवार–सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी (INC) को 59,092 मत मिले, वही दूसरी ओर सुभाष चंद्र बोस (LJP) को 51,102 मत मिले,जीत का मार्जिन 7,990 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 42.66% और रनर-अप का 36.89% रहा
2020
विजेता उम्मीदवार–प्रफुल्ल कुमार मांझी (HAM(S)) को 47,061 मत मिले, वही दूसरी ओर सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी (INC) को 41,556 मत मिले, जीत का मार्जिन 5,505 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 30.67% और रनर-अप का 27.09% रहा
अब देखना दिलचस्प होगा कि जिस विधानसभा सीट पर भाजपा और राजद का आज तक खाता नहीं खुला, वो विधानसभा सीट इस बार किसके खेमे में जा रही है.