पहली रैली में फेल या पास हुई प्रियंका गांधी..मोतिहारी में कांग्रेस को जनता से कितना नंबर ?

Bihar Elections 2025: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शुक्रवार को बिहार के चुनावी रण में आज कांग्रेस की दावेदारी को ताकत देने मोतिहारी पहुंचीं, इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने हर घर अधिकार यात्रा की पहली सभा में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. देखा जाए तो मोतिहारी के गांधी मैदान में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की सभा महज़ एक चुनावी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में कांग्रेस की नई तस्वीर की तरह दिख रहा था. जिसका प्रमाण ये है कि प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में जो स्वर चुना, उसमें विरोधियों पर तीखा हमला भी था और बदलाव की अपील भी. अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि बिहार में बदलाव का वक्त आ गया है. यह वाक्य भीड़ में गूंज उठा. उन्होंने मंच से लोगों से पूछा का हाल बा? और फिर खुद ही जवाब  भी दिया हाल बदलने का समय आ गया है. यह सीधा और सरल संवाद था, जो बताता है कि कांग्रेस नेतृत्व अब बिहार के लोगों से जुड़ने के लिए उनकी ही ज़ुबान बोलने की कोशिश कर रहा है.

मोतिहारी के गांधी मैदान में कांग्रेस महासचिव ने रोजगार और पलायन पर भी चोट किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दौर में बिहार शिक्षा और रोजगार का केंद्र था…और बिहार से IAS और IFS अधिकारी निकलते थे, लेकिन आज लोग मजबूरी में मजदूर बनकर पलायन कर रहे हैं. हिमाचल से लेकर केरल तक बिहार के मजदूर मिलते हैं, क्योंकि उनके अपने राज्य में नौकरी नहीं है इसलिए आज यहां से सिर्फ़ मज़दूर निकल रहे हैं.

प्रियंका गांधी ने मंच से बड़े उद्योगपतियों अडाणी-अंबानी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि मोदी सरकार आम आदमी की जगह अपने पूंजीपति दोस्तों के लिए काम कर रही है. उन्होंने व्यंग्य किया कि प्रधानमंत्री जनता के हाथ पकड़ने की बजाय अपने उद्योगपति दोस्तों का हाथ थाम कर चलते हैं. यह राजनीतिक वार था, लेकिन इसमें ग्रामीण और आम मतदाता की नाराज़गी को भुनाने का प्रयास भी दिखा. अपने भाषण में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा भी प्रियंका ने प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त पैसों का लालच देकर महिलाओं को खरीदने की कोशिश की जा रही है, लेकिन असली सम्मान तब मिलेगा जब बेटियां सुरक्षित होकर पढ़ने जाएंगी और काम करने के अवसर पाएंगी. कांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार में चुनाव आ रहा है, तो महिलाओं को 10 हजार रुपए महीना दिया जा रहा है.

अपने संबोधन के दौरान एनडीए पर तीखा तंज कसते हुए  प्रियंका गांधी ने कहा कि  20 साल से सत्ता में वोट चोर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर घोषणाएं होती हैं, पुल गिरते हैं, शिक्षा व्यवस्था पेपर लीक के कारण चरमराती है, लेकिन जमीनी बदलाव नहीं दिखता. हालांकि, यह भी सच है कि कांग्रेस खुद बिहार की राजनीति में हाशिए पर रही है. ऐसे में प्रियंका गांधी के इस भाषण को कांग्रेस की वापसी की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने लोगों से साफ कहा कि महागठबंधन को जिताना ही उनके हित में है.गांधी मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोगों से वादे भी किए और उन्होंने रैली में एक दर्जन से अधिक घोषणाएं की. वादों की घोषणा करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने इतनी घोषणाएं की हैं, अगर हमने इसे पूरा नहीं किया तो हमें आप लोग दंड दीजिएगा.

मोतिहारी की यह सभा संकेत देती है कि कांग्रेस राज्य में एक बार फिर से पटरी पर  जनता के अधिकार और शिक्षा-रोजगार के सवालों द्वारा लौटने की कोशिश कर रही है. लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कोशिश बिहार के मतदाताओं को प्रभावित कर पाएगी, खासकर तब जब जातीय समीकरण, कल्याणकारी योजनाओं और स्थानीय नेतृत्व की साख चुनावी फैसलों पर हावी रहती है. बिहार की राजनीति इस समय उस दौर में है जब लोग बदलाव की बात कर रहे हैं, लेकिन यह बदलाव किस दिशा में होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी.

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