Bangladesh protest : पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक हिंसा की चपेट में आ गया है। छात्र नेता और इंकलाब मंच से जुड़े शरीफ उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या के बाद राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में गुरुवार को हालात बेकाबू हो गए। गुस्साए और उग्र प्रदर्शनकारियों ने रातभर विरोध-प्रदर्शन किए, जिनमें व्यापक तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
मीडिया पर हमला पत्रकारों की जान पर बनी
हिंसा के दौरान दंगाइयों ने ढाका के कारवां बाजार इलाके में स्थित देश के दो प्रमुख अखबारों अंग्रेज़ी दैनिक द डेली स्टार और बांग्ला दैनिक प्रोथोम आलो की इमारतों को आग के हवाले कर दिया। डेली स्टार के कार्यालय में आग लगने से बिल्डिंग की छत पर मौजूद दर्जनों पत्रकार करीब तीन घंटे तक आग और धुएं के बीच फंसे रहे। राहत एवं बचाव कार्य के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया, हालांकि इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है।
वहीं, प्रोथोम आलो की बिल्डिंग में हुई आगजनी के कारण अखबार को शुक्रवार को अपनी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं।
ऐतिहासिक और राजनीतिक ठिकानों पर भी हमला
दंगाइयों ने ढाका के धानमंडी-32 स्थित बांग्लादेश के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर भी हमला किया। इसके अलावा छायानाट संस्कृति भवन में आगजनी और तोड़फोड़ की गई। पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल के घर को भी निशाना बनाया गया, जहां उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की।
हालात काबू में लाने की कोशिश
हिंसा फैलते ही पुलिस और सेना ने मोर्चा संभाल लिया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे हालात हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने देर रात राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस क्रूर हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा और उन्हें अधिकतम सजा दी जाएगी। इस मामले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
कैसे भड़की हिंसा
बताया जा रहा है कि मौजूदा हिंसा की शुरुआत इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी पर हुए हमले के बाद हुई। 12 दिसंबर को अज्ञात बंदूकधारियों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सामने आते ही देशभर में आक्रोश फैल गया और विरोध-प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठे। फिलहाल बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि हालात जल्द से जल्द सामान्य हों, लेकिन छात्र नेता की हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा ने देश की राजनीतिक स्थिरता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।