Bihar News : बिहार के बुनकरों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ( nitish government) ने एक बड़ी राहत देने वाली योजना की घोषणा की है। राज्य सरकार अब बुनकरों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रत्येक बुनकर के खाते में 15 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर करेगी। यह राशि कार्य पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के रूप में दी जाएगी, जिससे बुनकर अपना काम दोबारा शुरू कर सकें और कारोबार को आगे बढ़ा सकें।
योजना के लिए सरकार ने की बजट जारी
उद्योग विभाग की ओर से इस योजना के लिए कुल 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 1 करोड़ रुपये की राशि तत्काल जारी कर दी गई है। सरकार का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार आगे और राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कितने बुनकरों को होगा लाभ
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में करीब एक लाख बुनकर हैं, जिनमें से 70 से 75 हजार बुनकर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। फिलहाल लगभग 7 हजार बुनकर पंजीकृत हैं, जिन्हें पहले चरण में इस योजना का लाभ दिया जा सकता है। बड़ी संख्या में बुनकर आर्थिक तंगी के कारण काम छोड़ने को मजबूर हो रहे थे, जिसे देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
डीबीटी से खाते में आएंगे पैसे
योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से राशि बुनकरों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से पात्र बुनकरों की सूची, नाम और बैंक खाता विवरण जुटाया जा रहा है। यह विवरण हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय को भेजा जाएगा।
क्या है सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद बुनकरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना, परंपरागत हस्तकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करना और रोजगार के अवसरों को बनाए रखना है। सरकार को उम्मीद है कि इस आर्थिक सहायता से बुनकर फिर से आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में बुनकरों के लिए कच्चे माल, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सहायता से जुड़ी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है, ताकि हस्तकरघा उद्योग को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सके।