नौकरशाही छोड़ राजनीति का रास्ता… कौन है IPS वर्दी छोड़ MLA बने आनंद मिश्रा

Ips Anand Mishra: क्या है बिहार? जिस जगह को कभी देश के लोग सबसे ज्यादा मजदूर देने वाला राज्य जानते हैं…कभी अपराध और कभी पलायन से जूझता पिछड़ा इलाका… भले देश की राजनीति बिहार से ही शुरु हुई हो, लेकिन आज बिहार में राजनीति का नया चेहरा भी बिहार में जन्म ले रहा– आनंद मिश्रा, वही आनंद मिश्रा जिन्होंने असम की धरती ने सिंघम कहा, जिनकी पहचान उनकी वर्दी से जुड़ी है, और आज वही आनंद मिश्रा बिहार के बक्सर के MLA बन चुके है.

मगर सवाल सिर्फ यह नहीं कि एक IPS ऑफिसर MLA बन गया, सवाल यह है कि क्या आनंद मिश्रा बिहार की राजनीति को बदल पाएंगे, या फिर बिहार की राजनीति उन्हें बदल देगी…?

कौन है आनंद मिश्रा?

आनंद मिश्रा का जन्म 1 जून 1981 को बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुआ था. उनकी स्कूलिंग पश्चिम बंगाल के हिंद मोटर एजुकेशन सेंटर(मीट्रिक) और हिंद मोटर हाई स्कूल(high school), ग्रेजुएशन St Xavier’s college, kolkata से पॉलिटिकल साइंस से हुआ है, उसके बाद Osmania university, Hyderabad se police management में मास्टर डिग्री ली है. उन्होंने 2011 में UPSC की परीक्षा पास की और IPS बने.

असम मेघालय कैडर में रहते हुए उन्होंने कई पोस्टिंग की ASP(Shillong, Tura) SDPO, ADd SP, SP. उनके पुलिस करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संघर्ष कार्य ऑपरेशंस भी रहा, उन्होंने मेघालय गारो हिल्स में ऑपरेशन Hill Strom l & ll में भाग लिया और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की, असम में उनकी पोस्टिंग के दौरान वे सुपरीटेंडेंट आफ पुलिस भी रहे कई जिलों में जैसे धुब्री, नागाॅ, लक्षीपुर आदि. ड्रग तस्करी राजनीतिक भ्रष्टाचार जैसे अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने से उन्हें ये खास पहचान मिली. Police medal for gallantry, chief ministers medal (Assam), special duty medal (NE) आदि कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है.

IPS से इस्तीफा, राजनीति की शुरुआत

उन्होंने 29 जनवरी 2024 को IPS पद से इस्तीफा दिया इसके बाद उन्होंने 2024 की लोकसभा चुनाव में बक्सर सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार (INDEPENDENT) के रूप में हिस्सा लिया जहां शुरुआत में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े और वहां राज्य युवा अध्यक्ष बने. लेकिन मैं 2025 में उन्होंने जनसुराज पार्टी छोड़ दी, फिर 19 अगस्त 2025 को बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की. अक्टूबर 2025 में बीजेपी ने उन्हें बक्सर विधानसभा सीट का उम्मीदवार घोषितकिया. और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने बक्सर से सीट जीत ली. लगभग 84901 वोट पड़े और उन्होंने कांग्रेस की संजय कुमार तिवारी को लगभग 28353 वोटो से हराया.

अब शुरू हुई है IPS से MLA की असली परीक्षा

बक्सर से आनंद मिश्रा की जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं है, जनता के बीच एक संदेश है लोग अभिनेता से ज्यादा नेता के काम को वोट देना चाहते हैं, और यह जीत इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि उनकी पहचान सिर्फ राजनीति की ही नहीं वह एक सिस्टम से आए हैं और जनता शायद इसी सिस्टम से टकराने की उम्मीद कर रही है, लेकिन राजनीति में सिर्फ छवि नहीं चलती विकास योजनाएं चाहिए सड़के चाहिए रोजगार चाहिए उद्योग चाहिए वह सब जिसकी कमी ने बिहार को आज भी पलायन करने वाला राज्य बना कर रखा है.

बिहार ने कई बार ऐसे चेहरे देखे हैं जो उम्मीद के साथ आए थे मगर राजनीति ही धूल में खो गए अब देखना यह होगा कि आनंद मिश्रा उसे दूर का हिस्सा बनते हैं या धूल हटाने वाले नेता उनकी असली परीक्षा अब शुरू हुई और बिहार की जनता की उनपे उम्मीद पहले से ज्यादा बड़ी है.

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