Bihar election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए , इसी कड़ी में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए एक नई योजना की घोषणा की है , सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की जिसका मकसद ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ।
दरअसल, पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना का ऐलान किया। सरकार ने दावा किया कि महिलाओं को 50,000 से 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा और साथ ही उन्हें सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग, ब्यूटी पार्लर जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। योजना का संचालन जीविका समूह के मॉडल पर किया जाएगा, ताकि महिलाएं सामूहिक रूप से उपयोग कर सकें। 2020 में आई जीविका समूह जैसी योजना ने महिलाओं में आत्मनिर्भरता का नया विश्वास जगाया था , अब इस नई पहल को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदान जो बिहार की राजनीति में एक निर्णायक वर्ग बन चुकी है उन्हें साधने की ये सीधी कोशिश है ।
हालांकि विपक्ष का नीतीश कुमार को नकलची बताना और इस पूरी योजना को चुनावी घोषणा करार देने वाले इन आरोपों के बीच एनडीए सरकार या भरोसा दिलाने में लगी है कि महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं की जीवन में स्थाई बदलाव लाएगी ।
ऐसे में चुनावी दौर में शुरू की गई यह योजना जहां एक ओर महिला सशक्तिकरण की नई पहचान लिखने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर यह मतदाताओं के बीच सरकार की चुनाव भी रणनीति के रूप में भी देखी जा रही है क्या यह सचमुच महिलाओं के लिए आर्थिक क्रांति का रास्ता बनेगा या फिर महत्व चुनावी वादा साबित होगा ?