पटना। हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित बिहार भाजपा समिति की दो दिवसीय बैठक में एक बार फिर से यह निर्णय लिया गया कि राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar elections) में एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा. बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने साफ कर दिया कि बिहार में विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. जिससे पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया.
बैठक में Bihar elections पर चर्चा
जायसवाल ने कहा कि कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया कि हम नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव (Bihar elections) लड़ेंगे. जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार ही हमारा चेहरा हैं और कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है. जायसवाल की घोषणा का समर्थन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार भाजपा के मंत्री प्रेम कुमार ने किया. सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार हमारे नेता हैं और हमारे नेता बने रहेंगे. इसमें कोई भ्रम नहीं है. बिहार सरकार में मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार सीएम चेहरा थे, हैं और बने रहेंगे. गठबंधन के सभी पांच सहयोगी इस पर एकमत हैं.
इससे पहले एनडीए गठबंधन सहयोगी HUM (S) ने भी नई दिल्ली में आयोजित अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. केंद्रीय मंत्री और HUM (S) नेता जीतन राम मांझी ने कहा कि एनडीए 2025 का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा.
अमित शाह के बयान से उठे थे सवाल
कुमार के नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति हाल ही में केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार के दौरान सामने आई, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या राजग बिहार में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए बिना चुनाव लड़ सकता है, जैसा कि उसने हाल ही में महाराष्ट्र में बड़ी सफलता के साथ किया था. भाजपा के पूर्व अध्यक्ष शाह जिन्हें अभी भी पार्टी का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है, ने कुछ देर रुकने के बाद जवाब दिया था कि हम साथ बैठकर फैसला करेंगे. हम फैसला लेने के बाद आपको बता देंगे. इस रहस्यमयी जवाब से यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि भाजपा 2025 के विधानसभा चुनावों में बिहार में एनडीए का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार को आगे न करने पर जोर दे सकती है.
सूरजकुंड में आयोजित बिहार भाजपा समिति की बैठक में सभी 31 सदस्यों ने भाग लिया और संगठनात्मक मुद्दों, विधानसभा चुनावों के रोडमैप और 15 जनवरी से शुरू होने वाली एनडीए कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक पर चर्चा की गई. पांच सत्रों में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में बीएल संतोष, विनोद तावड़े और अन्य नेताओं ने भाग लिया.