Bihar government salary : बिहार विधानसभा में आय-व्यय 2026-27 से संबंधित बिहार विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. सरकार की ओर से सदन को आश्वस्त किया गया कि होली से पहले फरवरी माह का वेतन इसी महीने जारी कर दिया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. वित्तीय प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार ने सदन से बिहार विनियोग विधेयक 2026 को पारित करने की अपील की, जिससे राज्य का विकास कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके. इस बीच विपक्ष की ओर से विशेष राज्य का दर्जा और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) से संबंधित मुद्दे उठाए गए. विपक्ष ने केंद्र सरकार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में पहल की मांग की.
विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य
सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद विशेष राज्य की अवधारणा व्यावहारिक नहीं रह गई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य योजनाओं के माध्यम से बिहार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे राज्य के विकास को गति मिली है. मंत्री ने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है और बिहार भी विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है.सरकार ने न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर आधारित अपनी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सात निश्चय योजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डाला. सात निश्चय एक और सात निश्चय दो के बाद अब सात निश्चय तीन के तहत राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है.
महिलाओं को आर्थिक सहायता
सरकार के अनुसार नई योजनाओं के तहत रोजगार और आय को दोगुना करने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गई है. जाति आधारित जनगणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा. सरकार ने बताया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच 50 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराए जा चुके हैं. आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए कौशल विकास और उद्योग विस्तार पर विशेष बल दिया जा रहा है.
बिहार बनेगा पूर्वी भारत का नया औद्योगिक केंद्र…
औद्योगिक विकास के संदर्भ में सरकार ने बिहार को पूर्वी भारत का नया औद्योगिक केंद्र बनाने की घोषणा की. सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, बड़े उद्योगों के लिए भूमि और अनुदान, बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने तथा नई चीनी मिलों की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए निदेशालय और बिहार उद्यमी व्यवसाय आयोग का गठन किया गया है. डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिटनेस सिटी जैसी परियोजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई. हालांकि चर्चा के दौरान कई बार व्यवधान और तीखी टिप्पणियां भी हुईं, लेकिन अंततः सरकार ने अपने विकास एजेंडे और वित्तीय प्रस्तावों को राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया.