Bihar Politics : बिहार की राजनीति में कुछ ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने लोकतंत्र के चारों प्रमुख सदनों, विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा का सदस्य बनने का दुर्लभ रिकॉर्ड बनाया है। इस सूची में प्रमुख रूप से Lalu Prasad Yadav, Sushil Kumar Modi और Nagmani के नाम शामिल हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar भी जल्द ही इस खास क्लब में शामिल हो सकते हैं।
लालू प्रसाद यादव का राजनीतिक सफर
राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में चारों सदनों की सदस्यता हासिल की। वर्ष 1977 में वे पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद 1980 में उन्होंने बिहार विधानसभा का चुनाव जीता फिर वर्ष 1990 में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने और बाद में 2002 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया। इस तरह लालू प्रसाद यादव उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए जिन्होंने संसद और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व किया।
नागमणि का भी चारों सदनों तक सफर
बिहार के पूर्व मंत्री नागमणि का राजनीतिक करियर भी काफी दिलचस्प रहा है। वे 1977 में पहली बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए, इसके बाद 1995 में राज्यसभा पहुंचे। फिर वर्ष 1999 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और बाद में 2006 में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने। इस तरह नागमणि भी उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने चारों सदनों की सदस्यता का अनुभव प्राप्त किया।
सुशील मोदी का राजनीतिक सफर
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का राजनीतिक जीवन भी कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरा है। वर्ष 1990 में वे पहली बार पटना सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। यह सीट अब कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के नाम से जानी जाती है। वर्ष 2004 में वे भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। 2005 में जब उन्हें बिहार में भाजपा विधानमंडल दल का नेता चुना गया, तब उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और बिहार विधान परिषद के सदस्य बन गए। वर्ष 2012 में वे दूसरी बार बिहार विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद 8 दिसंबर 2020 को, Ram Vilas Paswan के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उन्हें बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया। इस तरह सुशील मोदी भी चारों सदनों में सदस्य रहने वाले नेताओं की सूची में शामिल हो गए।
नीतीश कुमार भी बना सकते हैं नया रिकॉर्ड
अब चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यदि राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते हैं तो वे भी इस विशिष्ट क्लब में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने पहले बिहार विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा की सदस्यता निभाई है। ऐसे में राज्यसभा पहुंचने के साथ ही उनकी वह अधूरी राजनीतिक इच्छा पूरी हो जाएगी, जिसमें चारों सदनों के सदस्य बनने का गौरव शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में एक और अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे और उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने लोकतंत्र के चारों सदनों में प्रतिनिधित्व किया है।