Bihar politics : बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने हाल ही में बनी नई सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य की मौजूदा व्यवस्था में सत्ता का केंद्रीकरण हो गया है और सिर्फ तीन लोग ही बिहार चला रहे हैं.
तेजस्वी यादव का सरकार पर बड़ा हमला
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगातार पोस्ट कर Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली सरकार को घेरा और उसके कामकाज पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार गठन के इतने समय बाद भी कैबिनेट विस्तार नहीं होना प्रशासनिक अस्थिरता का संकेत है. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के बाद मात्र छह महीनों में राज्य दो मुख्यमंत्री देख चुका है, जो राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है. यादव ने इसे षड्यंत्र से बनी पथभ्रष्ट सरकार करार देते हुए कहा कि सरकार के पहले वर्ष का लगभग 46% समय बेकार चला गया है. उनके मुताबिक अब तक सरकार की नीतियां, प्राथमिकताएं और कार्यक्रम स्पष्ट नहीं हैं.
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि अधूरे मंत्रिमंडल के साथ बिना व्यापक विमर्श के फैसले लिए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है. उन्होंने इसे शासन प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और निर्णय प्रक्रिया में केंद्रीकरण का उदाहरण बताया. एनडीए पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता की लालसा में नेताओं ने नैतिकता और जनहित को दरकिनार कर दिया है. उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री Nitish Kumar का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बार-बार सरकार के गठन और पुनर्गठन ने प्रशासनिक स्थिरता को प्रभावित किया है.
सरकार को अस्थिर और दिशाहीन बता रहा विपक्ष
राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए यादव ने कहा कि बिहार आज बेलगाम नौकरशाही, भ्रष्टाचार, कमजोर कानून व्यवस्था, वित्तीय कुप्रबंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. उन्होंने दावा किया कि युवा, किसान, छात्र, महिलाएं और व्यापारी सभी वर्ग सरकार से निराश हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार तेजस्वी यादव का यह बयान केवल आलोचना नहीं बल्कि आगामी चुनावों के मद्देनजर एक रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है. जहां एक ओर विपक्ष सरकार को अस्थिर और दिशाहीन बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन इन आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है.