पटना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2025 पेश कर दिया है, जिसमें बिहार के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं. केंद्र सरकार ने इस साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बड़ी सौगातें देने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष(Tejashwi Yadav) ने इसे पूरी तरह से निराशाजनक करार दिया है.
Tejashwi Yadav का हमला: बिहार को फिर मिला धोखा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव(Tejashwi Yadav) ने बजट को खोखला बताते हुए केंद्र सरकार पर बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बजट में बिहार को विशेष पैकेज नहीं मिला, केवल पुरानी घोषणाओं को दोहराया गया. रेल का किराया लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बजट में कोई राहत नहीं दी गई. ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए किसानों से ली जाने वाली जमीन पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है. अन्य राज्यों को बड़े पैकेज मिले, लेकिन बिहार को फिर से नजरअंदाज किया गया.
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब बिहार में चुनाव नजदीक आएंगे, तो फिर मीठी-मीठी बातें होंगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और होगी. उन्होंने नीतीश कुमार पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे अचेत अवस्था में हैं और थाली पीट रहे हैं.
नीतीश कुमार ने बजट को बताया स्वागत योग्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बजट की सराहना करते हुए इसे प्रगतिशील और भविष्योन्मुखी बताया. उन्होंने कहा कि इस बजट से बिहार के विकास को गति मिलेगी. मखाना बोर्ड की स्थापना, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, कोसी कैनाल परियोजना, पटना IIT का विस्तार और खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान जैसी घोषणाएं राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाएंगी.
क्या बजट बिहार की उम्मीदों पर खरा उतरा?
बजट को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. एनडीए इसे बिहार के विकास के लिए ऐतिहासिक बता रहा है, तो विपक्ष इसे जुमलेबाजी करार दे रहा है. अब देखना यह होगा कि केंद्र की घोषणाएं वास्तव में ज़मीन पर उतरती हैं या फिर विपक्ष के आरोप सही साबित होते हैं.