Nitish kumar : बिहार की राजनीति (Bihar Politics ) में नीतीश युग अब समाप्त हो गया है. नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है. जिसके बाद अब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है जब 2025 विधानसभा चुनाव में NDA को दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिला था और सरकार बने अभी महज पांच महीने ही हुए थे.
20 साल की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार
बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से Nitish Kumar एक केंद्रीय चेहरा रहे हैं. पहली बार वे 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के कारण मात्र एक सप्ताह में इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद 2005 में वापसी करते हुए उन्होंने सत्ता में मजबूत पकड़ बनाई और तब से राज्य की राजनीति उनके इर्द-गिर्द घूमती रही. नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर कई मायनों में अनोखा रहा है. इस दौरान उन्होंने 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 6 बार इस्तीफा दिया.
कई बार राजनीतिक पाला बदला
सत्ता में अपनी प्रसांगिकता बनाए रखने के लिए नीतीश कुमार ने 20 साल में कई बार पाला बदला. पिछले चार वर्षों में ही उन्होंने चार बार राजनीतिक पाला बदला. नीतीश कुमार पहली बार मार्च 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के कारण एक सप्ताह में ही इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद 2005 में सत्ता में वापसी के साथ उन्होंने बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बना ली, जो दो दशकों तक कायम रही. हालांकि इस दौरान Janata Dal (United) (JD(U)) कभी भी अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी. 2010 में भी पार्टी 115 सीटों के साथ बहुमत से पीछे रह गई थी. ऐसे में सरकार बनाने के लिए उसे हमेशा सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ा, चाहे वह Bharatiya Janata Party (BJP) हो या अन्य दल.