अभी इंतजार कीजिए…तेजस्वी के नाम पर कांग्रेस का जबाव, जानें -बिहार में कौन होगा महागठबंधन का उम्मीदवार ?

पटना। बिहार में 2020 विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से यह आरोप लगाया जाता रहा है कि कांग्रेस (Congress ) के कारण उनकी सरकार नहीं बन पाई. आरजेडी का मानना है कि अगर कांग्रेस को 70 से कम सीटें दी गई होतीं तो बिहार में महागठबंधन की सरकार बन सकती थी.

इस मुद्दे पर पहली बार कांग्रेस के किसी बड़े नेता ने प्रतिक्रिया दी है. बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में कहा कि महागठबंधन की पार्टियों को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय मिलकर विपक्षी गठबंधन का मुकाबला करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस चाहती तो लोकसभा चुनाव में अपने बेहतर स्ट्राइक रेट को आधार बनाकर बहस कर सकती थी, लेकिन ऐसा करने से कोई फायदा नहीं.

कन्हैया कुमार की भूमिका पर क्या बोले कांग्रेस प्रभारी?

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की बिहार कांग्रेस में भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि कन्हैया कुमार पार्टी के परिवार के सदस्य हैं. ऑल इंडिया कांग्रेस के सदस्य हैं. एंट्री और एग्जिट की बात तब होती है जब कोई बाहर से आता है. जब उनसे पूछा गया कि कन्हैया कुमार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या सिर्फ प्रचार करेंगे, तो उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय कन्हैया कुमार ही लेंगे. लेकिन कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं की तरह वे भी प्रचार जरूर करेंगे.

क्या तेजस्वी यादव पर Congress में मतभेद है?

महागठबंधन में तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर कांग्रेस में मतभेद की खबरों पर भी कृष्णा अल्लावरु ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब कांग्रेस की बैठक हुई थी, तब पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई. किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. थोड़ा इंतजार कीजिए, सब स्पष्ट हो जाएगा.

जब उनसे पूछा गया कि आरजेडी लगातार यह आरोप लगा रही है कि कांग्रेस के कारण 2020 में महागठबंधन की सरकार नहीं बन सकी, तो उन्होंने कहा, “इस पर विस्तार से बात करने की जरूरत है. हमारी कोशिश है कि आगामी चुनाव में हम अच्छा प्रदर्शन करें. लोकसभा चुनाव के परिणामों को देखें तो कांग्रेस का स्ट्राइक रेट अच्छा रहा है. लेकिन हम यह नहीं कह रहे कि किसी अन्य पार्टी का प्रदर्शन खराब था. हमें एक-दूसरे पर टिप्पणी या ब्लेम नहीं करना चाहिए बल्कि मिलकर विपक्षी गठबंधन का सामना करना चाहिए.”

बिहार में Congress कितनी सीटों पर लड़ेगी?

2020 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस सवाल पर अल्लावरु ने कहा कि इस बार हमारा प्रयास होगा कि जहां हम मजबूत हैं, वहां चुनाव लड़ें. अभी सीटों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. कांग्रेस नेता पप्पू यादव की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि पप्पू यादव बिहार के बड़े नेता हैं. पार्टी समय आने पर इस पर फैसला लेगी और इसकी जानकारी दे दी जाएगी.

आरजेडी के नेताओं से मुलाकात पर क्या कहा?

एक महीने से बिहार दौरे पर मौजूद कृष्णा अल्लावरु से पूछा गया कि क्या उन्होंने लालू प्रसाद यादव या तेजस्वी यादव से मुलाकात की है, तो उन्होंने कहा कि अभी इन दोनों से मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई है. आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन की बैठकें होंगी, जिसमें उनसे मिलने का मौका मिलेगा. बिहार की राजनीति को लेकर अल्लावरु ने कहा कि उन्हें यहां आकर अच्छा लगता है. हालांकि, वे इस बात से दुखी हैं कि राज्य के लोगों को अपने ही प्रदेश में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि इन मुद्दों को सरकार तक पहुंचाया जाए ताकि चुनाव में जनता इन आधारों पर मतदान करे.

बिहार (Congress ) कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने अपने बयान में स्पष्ट करने की कोशिश की कि कांग्रेस महागठबंधन में किसी भी तरह की अंदरूनी कलह नहीं चाहती. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्षी दलों को आपसी आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मिलकर एनडीए का मुकाबला करना चाहिए. साथ ही, उन्होंने कांग्रेस संगठन में जल्द ही बदलाव करने की बात कही और संकेत दिया कि पार्टी आगामी चुनाव में रणनीति के तहत मजबूत सीटों पर ही लड़ेगी.

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