Government Loans: बिहार सरकार देने जा रही है 50 लाख तक का लोन…जानिए कैसा मिलेगा पैसा

Bihar news : बिहार सरकार ने युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्यभर में 12 मार्च तक विशेष लोन शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं के तहत पात्र आवेदकों को मौके पर ही ऋण (Government Loans) स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उद्योग विभाग के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से लगभग 2,500 लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिविरों में आवेदकों के दस्तावेजों की तत्काल जांच कर स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि लाभार्थी बिना देरी अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।

केंद्र सरकार की तीन योजनाएं

इन विशेष कैंपों में केंद्र सरकार की तीन प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। पहली योजना है प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), जिसके तहत आठवीं पास आवेदक फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में ₹1 लाख तक की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जाएगी और छोटे खाद्य उद्योगों के आधुनिकीकरण एवं विस्तार पर विशेष जोर रहेगा। दूसरी योजना है प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)। इस योजना के तहत एमएसएमई क्षेत्र में स्वरोजगार शुरू करने के लिए ₹50 लाख तक का ऋण उपलब्ध होगा।

सामान्य वर्ग को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जबकि महिलाओं, एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग वर्ग के आवेदकों को अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा। तीसरी प्रमुख योजना पीएम विश्वकर्मा योजना है, जो पारंपरिक कारीगरों के लिए विशेष रूप से शुरू की गई है। इसके अंतर्गत उन्नत प्रशिक्षण के साथ ₹15,000 की निःशुल्क टूलकिट दी जाएगी। प्रशिक्षण अवधि में ₹500 प्रतिदिन भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही दो चरणों में कुल ₹3 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

दो चरणों में ₹3 लाख तक का ऋण

राज्य के सभी जिलों में आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिला पदाधिकारी, उद्योग विभाग के अधिकारी, जीविका समूह के प्रतिनिधि तथा बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी पात्र आवेदकों के आवेदन की ऑन-द-स्पॉट जांच कर स्वीकृति सुनिश्चित करेंगे और ऋण राशि शीघ्र ही लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। उद्योग विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बिहार में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, बेरोजगारी दर को कम करना तथा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार ने युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और छोटे उद्यमियों से इन शिविरों में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

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