कानून-व्यवस्था से लेकर रोजगार तक…विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

Nitish kumar speech : विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और विपक्ष पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बिहार की कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द, बुनियादी सुविधाओं और महिला सशक्तिकरण में बड़ा बदलाव आया है. सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार ने समस्याओं का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि उनका स्थायी समाधान निकाला.

हिंदू–मुस्लिम विवादों पर नियंत्रण का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने से पहले राज्य में हिंदू-मुस्लिम विवाद आम बात थी. खासतौर पर कब्रिस्तानों को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बनती थी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आई तो कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई गई. पहले इसे लेकर झगड़े होते थे, अब स्थिति सामान्य है. हिंदू मंदिरों में भी तोड़फोड़ होती थी, इसलिए 2016 से मंदिरों की भी घेराबंदी करवाई गई. सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारें सिर्फ लोगों को आपस में लड़वाती थीं, लेकिन समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकालती थीं.

पहले डर का माहौल अब रात में भी सुरक्षित बिहार

नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि पहले बिहार में भय का वातावरण था. उन्होंने कहा कि उन लोगों के राज में महिलाएं घर से बाहर निकलने से डरती थीं. शाम के बाद तो हम लोग भी घरों में छिप जाते थे. लूट, अपहरण और हत्या आम बात थी. सीएम ने दावा किया कि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और लोग रात में भी बेखौफ होकर बाहर निकलते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बुनियादी सुविधाओं पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया. उन्होंने बताया कि 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई. पहले सस्ती दरों पर बिजली दी गई, फिर फैसला लिया गया कि घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जाए. साथ ही उन्होंने लोगों से छतों पर सोलर पैनल लगवाने की अपील करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.

महिला सशक्तिकरण की बड़ी पहल

महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों पर बोलते हुए सीएम ने बताया कि 2013 में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया और 2016 में इसे और मजबूत किया गया. उन्होंने कहा कि 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जिन्हें जीविका दीदी नाम दिया गया. आज इनकी संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो चुकी है. सीएम ने बताया कि 2024 में शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जिससे अब 4 लाख 34 हजार जीविका दीदियां शहरों में सक्रिय हैं.

अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य लेकर चल रही है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई और उनके रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए 2-2 लाख रुपये तक की मदद की जा रही है.

विपक्ष पर सीधा हमला

सीएम नीतीश कुमार ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जान रहे हैं ना पहले क्या स्थिति थी. लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे. शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था का बुरा हाल था. उन्होंने कहा कि 2006 से उनकी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू किए और शिक्षा के क्षेत्र में पोषाक और साइकिल योजना जैसी पहलें कीं, जिससे लड़के-लड़कियों की पढ़ाई को बढ़ावा मिला.

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