सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर का शिलान्यास, धार्मिक और सांस्कृतिक विकास का प्रयाय होगा पुनौरा धाम

Punaura Dham Temple : बिहार के सीतामढ़ी जिले स्थित पुनौरा धाम, जिसे मां सीता की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है, में ऐतिहासिक मां जानकी मंदिर के निर्माण के शिलान्यास को लेकर उत्साह का माहौल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मां जानकी मंदिर का शिलान्यास करते हुए भूमि पूजन किया। इस अवसर पर साधु-संतों और नेताओं ने अपनी खुशी और गर्व का इज़हार किया।

राम मंदिर की तर्ज पर मां जानकी मंदिर का निर्माण

मंदिर निर्माण के शिलान्यास समारोह में महंत राजू ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अब सीतामढ़ी में मां जानकी का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। देशभर से आए साधु-संतों, विशेष रूप से अयोध्या से पहुंचे महंत विश्व मोहन दास जी महाराज ने इसे बिहारवासियों और सनातन धर्मावलंबियों के लिए गर्व का क्षण बताया।

महंत विश्व मोहन दास ने कहा कि मां जानकी मंदिर का निर्माण बहुत पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया और कहा कि इस मंदिर के निर्माण से मिथिला और बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को और समृद्धि मिलेगी।

धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगी समृद्धि

चंचल बाबा ने इस शिलान्यास को राष्ट्र के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस मंदिर के निर्माण का साहसिक निर्णय लिया है। यह मंदिर बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

भा.ज.पा. नेता राज भूषण चौधरी ने शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने मंदिर और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 882 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है, जो स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा। मां जानकी मंदिर के निर्माण के लिए 67 एकड़ भूमि पर काम किया जाएगा और यह मंदिर 151 फीट ऊंचा होगा। इसकी कुल लागत 882.87 करोड़ रुपये है, और इसे 2028 तक पूर्ण रूप से तैयार करने की योजना है। इस मंदिर का परिसर श्रद्धालुओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय अनुभव मिलेगा।

भूमि पूजन में ऐतिहासिक आयोजन

भूमि पूजन के लिए विशेष रूप से देश के 21 प्रमुख तीर्थ स्थलों की मिट्टी और 31 नदियों का जल मंगवाया गया था, जो मंदिर निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं और आयोजन में शामिल हुए नेताओं ने तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर तैयार किए गए 50 हजार लड्डू पैकेटों का वितरण भी देखा।

स्थानीय समुदाय और रोजगार के अवसर

मंदिर निर्माण के साथ-साथ पुनौरा धाम को एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार और पर्यटन विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। इस परियोजना से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा, अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के साथ ही ‘हिंदू सर्किट’ योजना के तहत बिहार के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों, जैसे बाबा अजगैबीनाथ, सिंहेश्वर, उग्रतारा, चंडी स्थान, और त्रिवेणी को भी धार्मिक पर्यटन के विकास में शामिल किया जा रहा है।

सीतामढ़ी जिले में बनने वाले इस मंदिर से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे कारोबारियों के लिए हजारों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। नए होटल, रेस्त्रां, ट्रांसपोर्ट, गाइडिंग, हस्तशिल्प और अन्य व्यापारिक सेवाओं के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। मां जानकी मंदिर का शिलान्यास और इसके बाद होने वाला निर्माण धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बिहार और पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। यह न केवल सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए खुशी का कारण है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय रोजगार के विकास के लिए भी एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।

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