बंगाल के मुसलमान हिंदुओं को नहीं डालने देते वोट, गिरिराज सिंह का बड़ा आरोप

Giriraj Singh For Hindus Poling Booth: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है.बंगाल बीजेपी की उस मांग पर सियासी हलचल तेज हो गई है, जिसमें हिंदू मतदाताओं के लिए अलग मतदान केंद्र बनाए जाने की बात कही गई थी.इस मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सीधे तौर पर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा है कि बंगाल में हिंदू वोटरों को डराया-धमकाया जा रहा है.

चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी

भाजपा सांसद(Giriraj Singh) ने कहा कि बंगाल में बीजेपी ने जो मांग की है,वह जायज है.वहां ममता बनर्जी के संरक्षण में मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदू वोटरों को धमकाते हैं,उन्हें वोट डालने से रोकते हैं.अगर इस बार चुनाव आयोग ने कोई विशेष कदम नहीं उठाया,तो वहां के हिंदू मतदाताओं को मतदान में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है.गिरिराज सिंह ने कहा कि बंगाल के हालात गंभीर हैं और चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है.उन्होंने चुनाव आयोग से विशेष कार्रवाई की मांग की है ताकि सभी वर्ग के लोग निर्भय होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें.

वहीं दूसरी तरफ, मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद बंगाल बीजेपी और अन्य संगठन राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में आज इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है. राज्य में भड़की हिंसा और हिंदू समुदाय पर हुए हमलों को आधार बनाते हुए देवदत्त माजी और मणि मुंजाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उनका कहना है कि वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है.

Giriraj Singh का कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला

इस पूरे मामले को लेकर सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है.सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला. राहुल गांधी देश को गाली देने का कोई मौका नहीं छोड़ते, चाहे वो भारत में हों या विदेश में.प्रधानमंत्री को अपमानित करना और फिर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करना उनकी आदत बन चुकी है.नेशनल हेराल्ड केस से ध्यान भटकाने के लिए वे ये सब कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले जिस तरह से हिंसा,ध्रुवीकरण और सियासी बयानबाज़ी का माहौल बना है,उसने चुनाव आयोग की चुनौती को और बढ़ा दिया है.अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति शासन की मांग पर क्या रुख अपनाता है और चुनाव आयोग इन हालात से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *