MLA training Bihar : बिहार विधानसभा में इस बार बड़ी संख्या में नए चेहरे चुनकर पहुंचे हैं. ऐसे में सदन की कार्यवाही को सुचारू और प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. शुक्रवार को सदन में स्पीकर ने घोषणा की कि नए विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें विधानसभा की नियमावली, प्रक्रियाओं और विधायी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.
स्पीकर ने क्या कहा
स्पीकर ने कहा कि सदन की नियमावली बेहद व्यापक और जटिल है. यदि नए सदस्य इसे ठीक से न समझें, तो उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और सदन की कार्यवाही भी बाधित हो सकती है. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विधायकों को सदन के हर पहलू से परिचित कराना है ताकि वे बहस, प्रश्नकाल, बिल प्रस्तुत करने और समिति कार्य जैसे विषयों में प्रभावी भागीदारी निभा सकें.
क्या-क्या सिखाया जाएगा?
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस विशेष ट्रेनिंग में निम्न विषयों को शामिल किया जाएगा
- सदन की प्रक्रिया और कार्यप्रणाली
- प्रश्नकाल और शून्यकाल का संचालन
- बजट सत्र की कार्यपद्धति
- बिल पेश करने और विधायी प्रक्रिया की समझ
- समितियों में भागीदारी
- चर्चा के तौर-तरीके और प्रभावी बहस
- अनुशासनहीन व्यवहार से बचने के उपाय
- सदन की पारदर्शिता बनाए रखने के तरीके
ट्रेनिंग में रोल-प्ले, प्रश्न-उत्तर सत्र और वास्तविक प्रक्रियाओं का प्रायोगिक अभ्यास भी शामिल होगा. इससे नए सदस्य अपनी भूमिका को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे.
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की पहल
स्पीकर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम केवल नए विधायकों तक सीमित नहीं रहेगा. समय-समय पर सभी सदस्यों के लिए रिफ्रेशर कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे ताकि वे नियमावली में हुए बदलाव और नई प्रक्रियाओं से परिचित रह सकें. सदन में मौजूद कई वरिष्ठ विधायकों ने इस पहल की सराहना की. उनका कहना है कि नए विधायकों को प्रशिक्षण मिलने से न सिर्फ उनकी दक्षता बढ़ेगी बल्कि सदन की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और अनुशासित होगी. कई बार नए सदस्य नियमों की जानकारी के अभाव में सवाल पूछने, बहस में हिस्सा लेने या प्रक्रियाओं को समझने में पिछड़ जाते हैं. ऐसे में यह ट्रेनिंग उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी.
विशेष टीम तैयार करेगी कोर्स
विधानसभा सचिवालय ने बताया कि ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार करने का जिम्मा एक विशेष टीम को दिया जाएगा, जिसमें अनुभवी अधिकारी और पूर्व विधायक भी शामिल होंगे. कार्यक्रम को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि नए सदस्य कार्यकाल की शुरुआत में ही पूरी तैयारी के साथ सदन में अपनी भूमिका निभा सकें. बिहार विधानसभा की इस पहल को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमों और प्रक्रियाओं की पुख्ता जानकारी से विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास और जनता की अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से सदन में उठा सकेंगे. इस ट्रेनिंग कार्यक्रम के माध्यम से विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है.