पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह ‘महिला संवाद यात्रा’ के लिए सरकार के फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं. तेजस्वी ने इस यात्रा को “अपनी खराब छवि सुधारने का हथकंडा” बताया.
तेजस्वी ने एक्स पर लिखा, “नीतीश कुमार महिला संवाद यात्रा और सोशल मीडिया प्रचार के नाम पर ₹104 करोड़, चाय-पानी और नाश्ते पर ₹114 करोड़, और पीआर कंपनी को ₹150 करोड़ देंगे. यह सब गरीब राज्य के सरकारी खजाने से किया जा रहा है.”
“गरीब राज्य के खजाने का दुरुपयोग” : Tejashwi Yadav
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार पर राज्य के धन को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उन मुद्दों की अनदेखी कर रही है, जिनसे आम जनता जूझ रही है. उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति 10 लाख सरकारी नौकरियों के वादे पर हमसे सवाल कर रहा था, वही आज अपनी छवि सुधारने के लिए 15 दिनों में ₹225.78 करोड़ खर्च कर रहा है.”
तेजस्वी ने बिहार की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में मुख्यमंत्री की नीतियों के कारण राज्य “भयावह बेरोजगारी, पलायन, खतरनाक महंगाई, बढ़ते अपराध और व्यापक भ्रष्टाचार” की चपेट में आ गया है.
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
एक प्रेस बयान में तेजस्वी यादव ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बिहार के छात्रों और महिलाओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, तब सरकार करोड़ों रुपये प्रचार और पीआर पर खर्च कर रही है. उन्होंने कहा, “लाखों-करोड़ों रुपये प्रचार में खर्च किए जा रहे हैं, जबकि आम जनता को बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. जनता के पैसे का दुरुपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है.”
यात्रा विवादों के घेरे में
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘महिला संवाद यात्रा’ 15 दिसंबर से शुरू होने वाली है. इस यात्रा का उद्देश्य राज्य की महिलाओं के साथ संवाद करना और उनके सशक्तिकरण और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना है. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने इस यात्रा को “चुनावी पिकनिक” करार दिया और इसे करदाताओं के पैसे की बर्बादी बताया. उन्होंने पूछा, “20 वर्षों से नीतीश कुमार ने गरीब राज्य की संपत्तियों का अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए दुरुपयोग किया है. क्या यह जायज है?”