Bihar politics : बिहार की राजनीति में हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम से चर्चित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास (Rabri Awas) से सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार देर रात छोटे वाहनों के जरिए आवास से पेड़-पौधों समेत अन्य छोटे-मोटे सामान निकालकर गोला रोड स्थित गौशाला में शिफ्ट किया गया।
रात के अंधेरे में शिफ्टिंग की क्या है वजह
मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह सामान अस्थायी रूप से गौशाला में रखा गया है, जहां से आगे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। रात के अंधेरे में हुई इस शिफ्टिंग को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खास बात यह रही कि जिस समय सामान हटाने का काम चल रहा था, उस वक्त आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दिल्ली में थे, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पटना में मौजूद नहीं थे। फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से आधिकारिक रूप से सामान शिफ्ट किए जाने की कोई पुष्टि नहीं की गई है।
एक महीने पहले मिला था नोटिस
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जीत दर्ज कर एनडीए ने एक बार फिर राज्य में सरकार बनाई है। इसके बाद 25 नवंबर को बिहार भवन निर्माण विभाग ने लालू परिवार को 20 वर्षों बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। चुनावी हार के बाद लालू परिवार के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा था कि मेरा अब कोई परिवार नहीं है। वहीं तेज प्रताप यादव को चुनाव से पहले ही लालू यादव पार्टी और परिवार से अलग कर चुके हैं।