निष्कासन पर तेजप्रताप ने तोड़ी चुप्पी, बताया इसलिए पार्टी और परिवार से निकाला गया…

Bihar news : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से बाहर किए जाने के बाद पहली बार तेज प्रताप यादव मीडिया के सामने आए और कई बड़े दावे किए। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने कहा कि उनके खिलाफ पार्टी के अंदर एक सोची-समझी साजिश रची गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है, इसलिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

कुछ समय पहले तेज प्रताप यादव ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें वह एक महिला अनुष्का यादव के साथ नजर आ रहे थे। पोस्ट में उन्होंने अनुष्का के लिए अपने प्रेम का इज़हार भी किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई दी कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया था और तस्वीरों को एडिट कर वायरल किया गया।

इस विवाद के बाद पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कार्रवाई करते हुए तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार, दोनों से छह साल के लिए बाहर कर दिया।

तेज प्रताप का आरोप 4-5 लोगों ने रची साजिश

तेज प्रताप यादव ने कहा कि वे एक मिलनसार स्वभाव के इंसान हैं और कुछ लोगों ने इसी स्वभाव का गलत फायदा उठाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अंदर बैठे 4-5 लोगों ने मिलकर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा और उन्हें पार्टी और परिवार से बाहर करवा दिया। उन्होंने कहा कि मैं पापी लोगों का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन उन्हें खुली चुनौती देता हूं। हम जनता के पास जाएंगे और वही हमारा न्याय करेगी।

जान को खतरा है, सरकार से सुरक्षा की मांग

तेज प्रताप ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके दुश्मन हर जगह फैले हुए हैं और वह किसी भी हाल में समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा जो लोग मेरे निजी जीवन को बर्बाद करने पर तुले हैं, उनसे कोई समझौता नहीं होगा। सरकार मेरी सुरक्षा बढ़ाए।

 

तेजस्वी और लालू पर भावुक प्रतिक्रिया

तेज प्रताप ने इस पूरे विवाद के बीच अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव और पिता लालू यादव को लेकर भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा मैं अपने पिता से बहुत प्यार करता हूं, भगवान उन्हें लंबी उम्र दे। तेजस्वी मेरा छोटा भाई है, उसे आशीर्वाद देता हूं। उसका जीवन सफल हो, यही मेरी शुभकामना है।

 

 RJD में बिखराव या राजनीतिक रणनीति?

तेज प्रताप यादव का इस तरह सार्वजनिक रूप से सामने आकर पार्टी के भीतर की साजिशों की बात करना RJD के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर तब जब बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। सवाल यह भी है कि क्या यह वाकई पारिवारिक विवाद है या कोई राजनीतिक रणनीति?

वहीं तेज प्रताप यादव का पार्टी से बाहर होना, फेसबुक पोस्ट विवाद और अब साजिश व जान के खतरे का दावा—ये सारी घटनाएं RJD की राजनीति में नया मोड़ ला सकती हैं। अब देखना होगा कि पार्टी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और तेज प्रताप आगे क्या कदम उठाते हैं।

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