Bihar politics : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि तेजस्वी यादव राज्यसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो उनकी विधानसभा सीट राघोपुर पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है. इस बीच उनकी पत्नी राजश्री यादव के संभावित राजनीतिक प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
राज्यसभा समीकरण क्या कहते हैं?
बिहार से राज्यसभा पहुंचने के लिए आवश्यक विधायकों की संख्या 41 मानी जाती है. मौजूदा विधानसभा गणित के अनुसार महागठबंधन के पास अपने दम पर पर्याप्त संख्या नहीं है. हालांकि यदि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और बहुजन समाज पार्टी समर्थन देते हैं, तो महागठबंधन एक सीट जीतने की स्थिति में आ सकता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि तेजस्वी यादव राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सक्रिय राजनीति में उनकी भूमिका बनी रहेगी, लेकिन विधानसभा सीट खाली होने पर राघोपुर में उपचुनाव अनिवार्य होगा.
राघोपुर सीट पर क्या बनेगा समीकरण?
राघोपुर को तेजस्वी यादव का राजनीतिक गढ़ माना जाता है. वे यहां से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं. ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल इस सीट को किसी भी सूरत में खोना नहीं चाहेगी. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, लालू परिवार इस पारंपरिक सीट पर अपने ही परिवार के किसी सदस्य को उतारने पर विचार कर सकता है. इसी संदर्भ में राजश्री यादव का नाम चर्चा में है. हालांकि अब तक वे सक्रिय राजनीति से दूर रही हैं और सार्वजनिक रूप से राजनीतिक बयानबाजी से भी बचती रही हैं. लेकिन भारतीय राजनीति में परिवार के सदस्यों की अचानक एंट्री के कई उदाहरण रहे हैं.
आरजेडी के लिए नया चेहरा कितना असरदार?
पिछले विधानसभा चुनावों में आरजेडी का प्रदर्शन मिश्रित रहा है. 2020 में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन हालिया चुनावी परिदृश्य में पार्टी 25 सीटों तक सिमट गई है. ऐसे में संगठन को मजबूत करने और युवाओं व कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा भरने की चुनौती सामने है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि राजश्री यादव को उम्मीदवार बनाया जाता है तो यह आरजेडी के लिए एक नया चेहरा साबित हो सकता है. सवाल यह भी है कि क्या वे लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सफल होंगी और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती दे पाएंगी.
फिलहाल बिहार की राजनीति में दो बड़े सवाल चर्चा में हैं कि क्या तेजस्वी यादव राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे? और अगर राघोपुर में उपचुनाव होता है, तो क्या राजश्री यादव आरजेडी की उम्मीदवार होंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ होंगे, लेकिन इतना तय है कि बिहार की सियासत में एक नया अध्याय शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं.