पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) फिलहाल दिल्ली में हैं. जिससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिल रहा है कि वो महागठबंधन में वापसी कर सकते हैं. वापसी को लेकर चल रही अटकलों पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि महागठबंधन के दरवाजे “पलटू चाचा” (नीतीश कुमार) के लिए बंद हैं. हालांकि तेजस्वी यादव ने कहा कि वह पटना लौटने के बाद मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगेंगे क्योंकि बीपीएससी छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करना जरूरी है.
Tejashwi Yadav का सरकार पर निशाना
तेजस्वी यादव ने सरकार (Nitish Kumar)पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री “थक चुके” हैं और रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार हटने के बाद बिहार में मैट्रिक से लेकर बीपीएससी तक की परीक्षाओं के पेपर लीक होने लगे. उन्होंने पूछा कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है और अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई.
छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध NDA के सहयोगियों पर निशाना
राजधानी पटना में बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए तेजस्वी (Tejashwi Yadav) ने भाजपा (bjp)पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों (BPSC Students Protest) को भाजपा की “बी टीम” ने गुमराह किया और प्रतिबंधित क्षेत्र गांधी मैदान में ले जाकर उन्हें लाठीचार्ज का शिकार बनाया. तेजस्वी यादव ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और दोनों उपमुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि जब छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, तब ये नेता कहां गायब हैं.
2025 चुनाव पर Tejashwi Yadav की नजर
नेता प्रतिपक्ष (Tejashwi Yadav) ने 2025 में होने वाले चुनावों (Bihar Politics) को लेकर अपनी पार्टी की तैयारी पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब इस सरकार का जवाब देगी. बता दें कि नीतीश कुमार की दिल्ली यात्रा और तेजस्वी यादव के बयानों ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. आने वाले दिनों में सियासी तस्वीर और साफ हो सकती है. उधर तेजस्वी ने BPSC परिक्षा रद्द करने की मांग कर रहे आंदोलनकारी छात्रों से जात-पात में बंटने से बचने की अपील की. उन्होंने कहा कि संगठित होकर ही अपनी आवाज को बुलंद किया जा सकता है.