भाजपा ने रेखा गुप्ता क्यों चुना दिल्ली की मुख्यमंत्री ? ये है बड़ी वजहें

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा विधायक दल की बैठक में बुधवार को रेखा गुप्ता जिंदल (Rekha Gupta) को मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया.दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग से विधायक के रूप में जीत हासिल करने वाली रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया था.इस नियुक्ति के बाद रेखा गुप्ता दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री बनीं.

रेखा गुप्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी हैं और दिल्ली भाजपा की महासचिव तथा भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत रही हैं.वे भाजपा के महिला मोर्चे की सशक्त नेता मानी जाती हैं.दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में RSS ने उनका नाम आगे बढ़ाया था, जिसे भाजपा ने स्वीकृत कर लिया.

मुख्यमंत्री बनने के कारण

रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे कुछ महत्वपूर्ण वजहें हैं, जो भाजपा और RSS के लिए उनके चयन को उचित ठहराती हैं:

  • वैश्य समुदाय से संबंध: रेखा गुप्ता भी पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह वैश्य समुदाय से हैं, जो दिल्ली में व्यापारिक दृष्टि से मजबूत वर्ग है और भाजपा का प्रमुख वोट बैंक माना जाता है.इस वजह से रेखा गुप्ता का नाम मुख्यमंत्री के लिए तय किया गया.
  • महिला वोट बैंक: दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की, जिनका असर सीधा भाजपा की जीत पर पड़ा.महिला उम्मीदवारों को बेहतर प्रतिनिधित्व देने की दिशा में भाजपा ने रेखा गुप्ता का चयन किया.इसके चलते दिल्ली में महिला वोटरों को साधने की कोशिश की गई है.
  • महिला मुख्यमंत्री का चयन: दिल्ली में अब तक तीन महिला मुख्यमंत्री रही हैं – शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज और आतिशी.भाजपा ने रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बना कर महिला वोटरों को और अधिक प्रभावित करने की कोशिश की है.

Rekha Gupta की राजनीतिक यात्रा

रेखा गुप्ता ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.1995 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) की सचिव नियुक्त हुईं और बाद में अध्यक्ष के पद तक पहुंची.उन्होंने भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में काम किया.2007 में वे दिल्ली के उत्तरी पीतमपुरा वार्ड से पार्षद बनीं और भाजपा महिला मोर्चा की राज्य महासचिव भी रहीं.

इसके बाद उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य के रूप में भी काम किया.हालांकि, रेखा गुप्ता के लिए विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल करना कठिन रहा, वे 2015 और 2020 में शालीमार बाग विधानसभा से चुनाव हार चुकी थीं.लेकिन 2025 में फिर से चुनावी मैदान में उतरीं और इस बार भारी बहुमत से जीत हासिल की.

Rekha Gupta : निजी जीवन और शिक्षा

रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जुलाना में हुआ था.उनका परिवार बाद में दिल्ली शिफ्ट हो गया, जहां उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की.रेखा ने दिल्ली के दौलत राम कॉलेज से बीकॉम किया और फिर एलएलबी की पढ़ाई भी की.इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक वकालत भी की.रेखा गुप्ता के पति मनीष गुप्ता हैं, और वे एक पारिवारिक माहौल में पली-बढ़ी हैं.

रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने से भाजपा को दिल्ली में वैश्य समुदाय, महिला मतदाता और पार्टी की महिला सशक्तिकरण की नीति में एक नया उत्साह मिला है.उनके नेतृत्व में दिल्ली की राजनीतिक दिशा एक नई दिशा में मोड़ सकती है, जहां समाज के विभिन्न वर्गों को भाजपा से जोड़ा जा सकता है.

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