Economic Growth Rate : केंद्र सरकार ने साल 2025 में आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इनमें इनकम टैक्स में बड़ी राहत, जीएसटी ढांचे में बड़ा सुधार और टोल टैक्स पर वार्षिक पास जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का लक्ष्य नागरिकों की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करना और आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है। इनकम टैक्स में बदलाव, GST 2.0 सुधार और टोल पर वार्षिक पास ये सभी फैसले 2025 में आम नागरिकों को आर्थिक राहत देने और देश की विकास दर को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार उम्मीद कर रही है कि इन सुधारों का असर आने वाले महीनों में उपभोग, बाजार गतिविधियों और औद्योगिक विकास पर भी सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।
इनकम टैक्स में बड़ी राहत
आम बजट 2025 में सरकार ने इनकम टैक्स की नई व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया। नई टैक्स रिजीम के तहत कर मुक्त आय की सीमा को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया। साथ ही नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाला 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ दिया जाए, तो टैक्स छूट की कुल सीमा 12.75 लाख रुपये हो जाती है। इसका मतलब है कि नौकरीपेशा व्यक्ति 12.75 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह बदलाव मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
जीएसटी ढांचे में स्लैब की संख्या घटाई
सरकार ने 2025 में जीएसटी ढांचे में बड़ा सुधार करते हुए स्लैब की संख्या को चार से घटाकर दो कर दिया है। नई दरें 5% और18% हैं. इसके साथ साथ लग्जरी और सिन गुड्स पर 40% GST है. नई दरें लागू होने के बाद 453 वस्तुओं में जीएसटी बदलाव हुए, जिनमें से 413 वस्तुओं पर टैक्स घटा दिया गया। लगभग 295 आवश्यक वस्तुओं की GST दर 12% से घटकर 5% या शून्य हो गई है। GST सुधारों के तहत सरकार ने वाहनों पर भी बड़ी राहत दी है.1,200 सीसी तक की पेट्रोल कारों और 1,500 सीसी तक की डीजल कारों पर GST दर 28% से घटाकर 18% की गई। 350 सीसी तक की बाइकों पर भी GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। वहीं लग्जरी कारों और प्रीमियम बाइकों पर 40% GST लगाया गया है। इसके अलावा वाहनों पर लगने वाला सेस समाप्त कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से वाहन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गति तेज होगी। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में देश की वृद्धि दर 8.2% रही, जो हाल के वर्षों की सबसे तेज वृद्धि है।
टोल टैक्स पर राहत
2025 में आम लोगों की जेब पर टोल टैक्स का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने वार्षिक टोल पास की सुविधा शुरू की है, जिसे 15 अगस्त से लागू किया गया। इस फास्टैग-आधारित पास की कीमत 3,000 रुपये है, जिससे वाहन चालक पूरे साल में 200 टोल प्लाजा पार कर सकता है। इसके बाद प्रति टोल कॉस्ट सिर्फ 15 रुपये के करीब रह जाती है। सरकार का कहना है कि इससे हाईवे यात्रा पहले की तुलना में काफी सस्ती हो गई है।