lalu yadav house : बिहार में 7 मई को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi और Lalu Prasad Yadav के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को लेकर हलचल तेज हो गई है। भवन निर्माण विभाग ने दोबारा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अगले 15 दिनों के भीतर यह सरकारी आवास खाली करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड लंबे समय से लालू परिवार का राजनीतिक और पारिवारिक केंद्र रहा है। यह आवास पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम पर आवंटित था और वर्षों से Tejashwi Yadav समेत पूरा लालू परिवार यहीं रह रहा है। कुछ महीने पहले भी भवन निर्माण विभाग ने यह सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। इसके बदले हार्डिंग रोड स्थित एक वैकल्पिक सरकारी आवास लालू परिवार को आवंटित किए जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक परिवार ने 10 सर्कुलर रोड नहीं छोड़ा। अब 3 मई को जारी नए निर्देश में विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 15 दिनों के अंदर आवास खाली किया जाए। यानी 18–20 मई तक इस पर कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
राजनीतिक समय को लेकर बढ़ी चर्चा
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में लगातार बदलाव हो रहे हैं। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और सत्ता समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में लालू परिवार को सरकारी आवास खाली करने का नया नोटिस राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ सरकारी नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक संदेश भी निकाला जा रहा है।
लालू परिवार अब कहां जाएगा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर लालू परिवार 10 सर्कुलर रोड खाली करता है तो उनका अगला ठिकाना क्या होगा? सूत्रों के अनुसार तीन संभावनाएं सामने हैं. जिसमें पहला है हार्डिंग रोड स्थित आवंटित सरकारी आवास दूसरा है महुआ बाग में बन रहा लालू परिवार का निजी बंगला और तीसरा अस्थायी तौर पर किसी अन्य सरकारी आवास में शिफ्ट. बताया जा रहा है कि महुआ बाग में बन रहा नया लालू निवास लगभग तैयार हो चुका है। वहां फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। खुद लालू प्रसाद यादव कई बार निर्माण स्थल का निरीक्षण करते देखे गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि सरकारी बंगला छोड़ने के बाद पूरा परिवार अपने नए निजी आवास में शिफ्ट हो सकता है।
वर्षों से राजनीतिक केंद्र रहा है 10 सर्कुलर रोड
10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल की राजनीति का अहम केंद्र भी रहा है। यहीं से लालू प्रसाद यादव पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते रहे हैं। बिहार की राजनीति के कई बड़े फैसलों का गवाह यह बंगला अब खाली होने की स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि अब निगाहें इस बात पर भी टिकी हैं कि क्या इस बार भवन निर्माण विभाग के आदेश का पालन होगा, या फिर यह मामला आगे और राजनीतिक रूप लेगा।