Road construction tender corruption: केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने से हाल ही में एक रिपोर्टर से बातचीत में को टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवालों का जवाब दिया, जहां उन्होंने रोड कंसट्रक्शन में बढ़ते भ्रष्टाचार के ऊपर बहुत कुछ कहा, नितिन गडकरी ने बताया कि हम Transparent, Time bounded, result oriented or corruption free हैं.
Tender में minus biding क्यों होती है?
नितिन गडकरी ने साफ किया कि पहले देश में सिर्फ 20 से 25 बड़ी कंपनियां थी जो टेंडर लेती थी. टेंडर पाने के लिए दो तरह की क्वालिफिकेशन बहुत जरूरी है.
1. Technical qualification
2. Financial qualification
उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि इतनी कम प्लेयर्स क्यों है इसलिए उन्होंने नियमों को थोड़ा लिबरल किया ताकि ओर अधिक कंपनिया जुड़ सके.
उन्होंने बताया कि उनके मन भी यह सवाल उठे, फिर उन्होंने एक कॉन्ट्रैक्टर से पूछा कि इतनी कम बोली क्यों लगा रहे है. तब जवाब मिला मैं बैंक से मशीन ले चुका हु कम से कम मेरा इंस्टॉलमेंट निकल जाएगा, इसलिए सस्ती बोली लगा रहा हूं.
मानी अपनी गलती कहा ज्यादा लिबरल कर दिया
नितिन गडकरी ने कहा कि अधिक प्रतिस्पर्धा के चलते कुछ कंपनियों ने गुणवत्ता (quality) से समझौता करना शुरू कर दिया जिसके बाद मंत्रालय सतर्क हो गया. मुझे ध्यान आया कि quality compromise हो रही है, तब हमने तुरंत अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स को सस्पेंड करना शुरू कर दिया, कई कॉन्ट्रैक्टर्स को ब्लैक लिस्ट किया, कई बड़े नामों पर कारवाही भी चल रही है. नितिन गडकरी ने कहा मैं मानता हूं मैने क्वालिफिकेशन को ज्यादा लिबरल कर दिया था यह मेरी गलती है, पर अब नई पॉलिसी में टेक्निकल क्वालीफिकेशन फिर से मजबूत किया जा रहे हैं.
अब नए सुधार के साथ सख्त तकनीकी
नितिन गडकरी ने कहा कि अब मंत्रालय टेंडर सिस्टम में दोबारा सख्ती ला रही है, जहां मजबूत Technical qualification, बेहतर financial scrutiny, quality monitoring सब पर ध्यान दिया जा रहा है. कुल मिला कर नितिन गडकरी ने साफ किया कि टेंडर में माइनस बिडिंग बढ़ती प्रतियोगिता का परिणाम है, जहां अधिक कंपनियों के आने से क्वालिटी पर असर पड़ा, नियमों को जरूरत से ज्यादा ढीली करना हमारी गलती थी, अब नीति में तकनीकी क्वालिफिकेशन कड़े4 किया जा रहे हैं भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के साथ कार्रवाई जारी है.