8 घंटे लगातार सोना या स्प्लिट स्लीप…शरीर के लिए क्या है बेहतर? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला नतीजा

Benefits of Nap : एक दिन में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेने की सलाह हमेशा से दी जाती रही है. लेकिन आधुनिक लाइफस्टाइल में बहुत से लोग रात में लगातार 8 घंटे सो नहीं पाते. ऐसे में सवाल उठता है, क्या सोने को दो हिस्सों में बांटना यानी स्प्लिट स्लीप भी उतना ही फायदेमंद है? हाल ही में सामने आए एक रिपोर्ट बताती हैं कि कुल नींद पूरी होने पर स्प्लिट स्लीप (रात की नींद + दिन की नैप) भी शरीर के लिए कारगर हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञ इस मॉडल को सभी के लिए उपयुक्त नहीं मानते.

क्या है स्प्लिट स्लीप?

स्प्लिट स्लीप में नींद को दो भागों में बांटा जाता है जिसमें रात में कम घंटे की नींद और दिन में 20–90 मिनट की झपकी लिया जा सकता है. यह पैटर्न आजकल उन लोगों में ज्यादा देखा जा रहा है जिनकी नौकरी या रोज़मर्रा की दिनचर्या नियमित नहीं है.

स्टडी में क्या पाया गया?

नींद का दबाव (Sleep Pressure) कम होता है.शोध में पाया गया कि दिन में ली गई झपकी मस्तिष्क की थकान कम करती है. इससे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है.सीखने और याद रखने में मदद मिलती है

  • मेमोरी पर सकारात्मक असर

कई अध्ययनों में पाया गया कि दिन में सोने वाले लोग दोपहर के समय नई चीजें बेहतर सीखते हैं. झपकी दिमाग को रीसेट करती है.

  • अनियमित शेड्यूल वालों के लिए फायदेमंद

शिफ्ट में काम करने वाले, नई माताएं, ड्राइवर या बेहद व्यस्त लोग रात की पूरी नींद नहीं ले पाते. इनके लिए स्प्लिट स्लीप एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है लेकिन सतर्क रहने की जरूरत भी होती है.

स्प्लिट स्लीप का क्या है जोखिम

नींद का टुकड़ों में बंटना गुणवत्ता घटा सकता है. स्प्लिट स्लीप में नींद में बार-बार व्यवधान, गहरी (Slow-wave) नींद कम और नींद की दक्षता घटने जैसी समस्याएँ पाई गईं. अगर नींद का टाइम रोज़ बदलता है, तो हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं,मूड प्रभावित हो सकता है और लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है कुछ अध्ययनों में स्प्लिट स्लीप करने वालों में ग्लूकोज नियंत्रण कमजोर पाया गया.

किन लोगों को क्या चुनना चाहिए?

लगातार 7–9 घंटे की नींद सामान्य लोगों के लिए सबसे बेहतर है. यदि आपका शेड्यूल नियमित है, तो रात में अच्छी, लगातार नींद लेना ही स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है. जिनकी लाइफ अनियमित है उनके लिए स्प्लिट स्लीप बेहतर विकल्प है.अगर परिस्थितियों के कारण रात में लंबी नींद संभव नहीं है, तो एक स्थिर रूटीन बनाएँ,झपकी 20–90 मिनट तक सीमित रखें और कुल नींद 7–8 घंटे जरूर पूरी करें.विशेषज्ञों की राय है कि स्प्लिट स्लीप बुरा नहीं है, लेकिन यह तभी प्रभावी है जब कुल नींद पर्याप्त हो,रूटीन नियमित हो और दिन की झपकी बहुत देर तक न खिंचे,हालाँकि, अधिकतर लोगों के लिए रात की लगातार और निर्बाध नींद ही सबसे सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद विकल्प है.

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