डेस्क।आज देशभर में Ganesh Chaturthi का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक माने जाते हैं। गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी या गणेश उत्सव भी कहा जाता है, दस दिनों की उत्सवधर्मिता की शुरुआत को दर्शाता है।
Ganesh Chaturthi को लेकर घरों और पंडालों में धूम
इस दौरान लोग अपने घरों और पंडालों में मिट्टी की मूर्तियां स्थापित करते हैं और उनकी पूजा करते हैं। इस पर्व का समापन गणेश विसर्जन के भव्य आयोजन के साथ होता है, जिसमें भगवान गणेश की मूर्तियों को जलाशयों में विसर्जित किया जाता है। यह क्रिया सृष्टि और लय के चक्र का प्रतीक मानी जाती है। मूर्ति विसर्जन के दौरान, मूर्तियों को घरों और पंडालों से निकालकर भव्य जुलूस के माध्यम से नदियों, झीलों या समुद्रों की ओर ले जाया जाता है। इस अवसर पर “गणपति बप्पा मोरया” के उद्घोष, भजन और नृत्य की धूम होती है। महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है, जहां लोग इसे अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाते हैं।
Ganesh Chaturthi 2024 : आज से 10 दिन तक घर घर में गणेश पूजा, जानिए क्यों महत्वपूर्ण है महाराष्ट्र का यह उत्सव