कितना फायदेमंद है पानी चबाकर पीना…च्यूइंग वाटर ट्रेंड को लेकर जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय

Chewing water : सोशल मीडिया और हेल्थ ट्रेंड्स के दौर में इन दिनों एक नया शब्द तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है च्यूइंग वाटर (Chewing Water)। यानी पानी को धीरे-धीरे, थोड़ा-थोड़ा घूंट लेकर मुंह में घुमाकर पीना। दावा किया जा रहा है कि इस तरीके से पानी पीने से पाचन दुरुस्त रहता है, गैस और एसिडिटी की समस्या कम होती है और शरीर को बेहतर हाइड्रेशन मिलता है।

क्या होता है च्यूइंग वाटर?

च्यूइंग वाटर’ का मतलब यह नहीं है कि पानी को दांतों से चबाया जाए, बल्कि इसका मतलब है पानी को एकदम गटकने के बजाय छोटे-छोटे घूंट में लेकर कुछ सेकंड तक मुंह में रोककर धीरे-धीरे निगलना। इस दौरान लार (saliva) पानी में मिल जाती है, जिससे शरीर को यह संकेत मिलता है कि अब पाचन प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

पाचन तंत्र पर क्या पड़ता है असर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब पानी मुंह में कुछ समय तक रुकता है, तो लार में मौजूद Salivary Amylase सक्रिय हो जाता है। यह एंजाइम पाचन प्रक्रिया की शुरुआती तैयारी करता है।इससे भोजन जल्दी और अच्छे से पचता है.पेट भारी होने की समस्या कम होती है.गैस और जलन की परेशानी से राहत मिल सकती है

तेज़ी से पानी पीने के नुकसान

डॉक्टर्स का कहना है कि बहुत तेज़ी से पानी पीने पर पेट में अचानक ठंडापन चला जाता है. स्लॉशी फीलिंग यानी पेट में पानी भरा-भरा लगना शुरू हो जाता है.कई बार इससे एसिडिटी और उल्टी जैसा महसूस हो सकता है.शरीर उतना पानी अवशोषित नहीं कर पाता जितनी ज़रूरत होती है

हाइड्रेशन में कैसे मदद करता है यह तरीका?

धीरे-धीरे पानी पीने से शरीर को पानी बेहतर मात्रा में सोखने का समय मिलता है। जल्दी-जल्दी पानी पीने से बार-बार पेशाब लगती है और शरीर पूरी तरह हाइड्रेट नहीं हो पाता। च्यूइंग वाटर तकनीक से शरीर में जल संतुलन बेहतर रहता है. स्किन ड्रायनेस कम हो सकती है. थकान महसूस कम होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, धीरे पानी पीने से गले की सूजन कम होती है.खांसी और खराश में आराम मिलता है. बहुत ठंडा पानी सीधे गटकने से होने वाली समस्याएं नहीं होतीं

पानी कब और कितना पीना चाहिए

डॉक्टर्स का कहना है कि यह तरीका पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन बहुत ज्यादा देर तक मुंह में पानी रोकना भी सही नहीं है. अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा पानी इसी तरह पीता है, तो पेट में अनावश्यक गैस बन सकती है. यह कोई चमत्कारी इलाज नहीं, बल्कि एक अच्छी आदत भर है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पानी हमेशा धीरे-धीरे और जरूरत के हिसाब से पिएं. खाने के तुरंत बाद बहुत अधिक पानी न पिएं. सुबह खाली पेट गुनगुना पानी धीरे-धीरे पीना ज्यादा फायदेमंद होता है

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